हिंदी फिल्मों में जब भी आर्ट कलाकारों की बात होती है तो कई अभिनेताओं के बीच स्मिता पाटिल और शबाना आजमी जैसी एक्ट्रेसेस का नाम सबसे पहले लिया जाता है। हालांकि, उनका करियर काफी छोटा रहा, लेकिन इसी दौरान उन्होंने कई शानदार फिल्में कीं। यहां तक कि उनकी करीब 14 फिल्में मौत के बाद रिलीज हुई थीं। आज स्मिता पाटिल की डेथ एनिवर्सरी है।
13 दिसंबर, 1986 को 31 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से ग्रैजुएशन करने के बाद स्मिता पर डायरेक्टर श्याम बेनेगल की नजर पड़ी और उन्होंने स्मिता को अपनी फिल्म चरणदास चोर के लिए साइन कर लिया। 1975 में इस फिल्म की रिलीज के साथ ही स्मिता ने बॉलीवुड डेब्यू किया। 1975 से 1985 तक करीब 10 सालों में स्मिता हिंदी सिनेमा का बहुत बड़ा नाम बन गई थी।
फिल्मों के साथ ही स्मिता के निजी जीवन की चर्चा भी हमेशा सुर्खियों में रही। राज बब्बर से शादी करने के बाद उनपर घर तोड़ने तक के आरोप लगे और मीडिया में उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।
कुछ ही सालों के करियर में उन्होंने मंथन (1977), भूमिका (1977), आक्रोश (1980), बाजार (1982), नमक हलाल (1982), अर्थ (1982), मंडी (1983), मिर्च मसाला (1985) जैसी यादगार फिल्में दीं।
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