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तीन साल में तीन करोड़ खर्च, फिर भी कम होने के बजाय साल-दर-साल बढ़ रहे टीबी के मरीज

7 वर्ष पहले
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नगीना टंडन, जिलाक्षय अधिकारी बिलासपुर

सिम्स में भी लगातार बढ़ रहे मरीज

टीबीमरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिम्स में 10 बिस्तरों का एमआरडी टीबी (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस ट्यूबर क्लोसिस) वार्ड बनाया गया है। यहां रेजिस्टेंस और सामान्य टीबी के मरीजों को रखा जाता है। पिछले कुछ सालों में टीबी मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें रेजिस्टेंस मरीजों की संख्या अधिक है। ऐसे मरीजों पर डॉट्स गोली का असर जल्दी नहीं होता। लिहाजा, उन्हें विशेषज्ञों की देखरेख में रखा जाता है। चेस्ट वार्ड में एक महीने में दर्जनों मरीज भर्ती किए गए हैं।

(अगस्त तक)

1369

2814

2800

2011

2010

2009

वर्ष

विभागीय सर्वे और दावों के मुताबिक 2013-14 में मरीजों की संख्या कम हुई है और मौत का आंकड़ा भी घटा है

टीबी मरीजों के लिए विभाग दवाइयों के डोज कैसे तैयार करता है, तस्वीर देखकर समझा जा सकता है।

नूतन चौक के पास स्वास्थ्य विभाग परिसर में टीबी डिपार्टमेंट का दफ्तर बनवाया गया है।

सैलरी पर सालाना 27 लाख रु. खर्च

पिछले दो सालों से बजट भी लैप्स हुआ

क्षयनियंत्रण केंद्र की निष्क्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल विभाग को शासन की ओर से लाखों रुपए का बजट दिया जाता है, लेकिन क्षय विभाग इसे खर्च नहीं कर पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में टीबी नियंत्रण विभाग को 56 लाख 13 हजार 408 रुपए जारी किए गए थे। विभाग इसमें से सिर्फ 38 लाख 76 हजार रुपए की खर्च कर पाया। वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए 98 लाख 80 हजार 829 रुपए जारी किए गए हैं। 6 महीने में अब तक सिर्फ 30 लाख रुपए ही खर्च किए गए हैं। आवंटित राशि का अधिकांश हिस्सा वेतन पर ही खर्च किया गया है।

जिला क्षय नियंत्रण केंद्र में स्वीकृत स्टाफ की संख्या 24 है। विभाग में एक क्षय अधिकारी समेत सभी 24 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा सिम्स से तीन कर्मचारियों की स्वीकृति मिली हुई है। इसमें एक मेडिकल ऑफिसर, एक टीबी एचबी और एक लैब टेक्नीशियन शामिल है। इनकी सैलरी में हर महीने 2 लाख 30 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यानी, सालाना 27 लाख से अधिक खर्च हो रहा है। पर्याप्त स्टाफ होने के बाद भी तो प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं और ही जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कर्मचारियों को फील्ड में रहकर मरीजों की पहचान कर उन्हें दवाई उपलब्ध करवाने के निर्देश दि