अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट पर जनसुनवाई आज
606करोड़ रुपए की लागत वाली छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी अरपा भैंसाझार बैराज परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति के लिए जनसुनवाई 13 फरवरी को सुबह 11 बजे से कोटा तहसील में होगी। योजना का शिलान्यास 16 सितंबर 2013 को पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह की मौजूदगी में किया गया था।
यह परियोजना अंग्रेजों के शासनकाल में 1907 में बनाई गई थी, लेकिन मूर्त रूप नहीं ले सकी। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय तत्कालीन सिंचाई मंत्री मनहरणलाल पाण्डेय ने योजना को आगे बढ़ाया, लेकिन भारी-भरकम योजना को केंद्रीय वन पर्यावरण की स्वीकृति नहीं मिल सकी। इसके बाद राज्य शासन ने योजना के आकार में परिवर्तन कर इसकी खामियों को दूर करवाया। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का क्षेत्रीय कार्यालय जनसुनवाई के बाद प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजेगा। प्रोजेक्ट के तहत सीमित निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें विस्थापन और पुनर्वास की समस्या नहीं है, इसलिए योजना की स्वीकृति के मार्ग में कोई बाधा नहीं है। जनसुनवाई पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। प्रोजेक्ट को स्टेज-1 की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। मंडल का दावा है कि जनसुनवाई के लिए गांवों में पर्याप्त प्रचार किया जा रहा है।