आपत्तियों को लेकर शासन को दें अर्जी
बिलासपुर | हाईकोर्टने एक को छोड़कर बाकी 8 जनहित याचिकाएं निराकृत करते हुए याचिकाकर्ताओं को राज्य शासन के समक्ष अर्जी प्रस्तुत करने को कहा है। राज्य शासन को अर्जियों का तीन माह में निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, गौरेला, रतनपुर समेत प्रदेश के कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में वार्डों के परिसीमन में नियमों की अनदेखी समेत कई मुद्दों पर प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज करने के बाद भी निराकरण नहीं होने पर हाईकोर्ट में 9 जनहित याचिकाएं दाखिल की गई। इसमें रायपुर निवासी जगदीश आहूजा अन्य की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य चुनाव आयोग ने चुनावों पर रोक लगा दी थी। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुराने कार्यक्रम के मुताबिक ही चुनाव करवाने की अधिसूचना जारी की गई है। मंगलवार को सभी 9 याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी। हाईकोर्ट ने जगदीश आहूजा अन्य की याचिका को छोड़कर बाकी याचिकाएं निराकृत कर दी हैं। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अपनी आपत्तियों को लेकर राज्य शासन के समक्ष अर्जी पेश करने को कहा गया है। राज्य शासन को इसका तीन माह में निराकरण करने को कहा गया है।
शासन ने बदल दिया 15 फीसदी अंतर का नियम
वार्डोंके परिसीमन के लिए छत्तीसगढ़ नगर पालिक (वार्डों का परिसीमन) नियम 1996 नियम 3(2) के अनुसार दो वार्ड की जनसंख्या में 15 फीसदी से ज्यादा अंतर नहीं होना चाहिए। रायपुर के जगदीश आहूजा अन्य की याचिका में इस नियम का उल्लंघन करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने चुनावों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य शासन ने 15फीसदी के नियम को संशोधित कर दिया है।