- Hindi News
- जमीन घोटाले के आरोपी ज्वाॅइंट कलेक्टर ने लगाई जमानत अर्जी
जमीन घोटाले के आरोपी ज्वाॅइंट कलेक्टर ने लगाई जमानत अर्जी
पांचसाल पहले बिलासपुर में जमीन की अवैध प्लॉटिंग का मामला रफा-दफा करने के आरोप में बलौदा बाजार के संयुक्त कलेक्टर और तत्कालीन बिलासपुर एसडीएम संतोष देवांगन ने विशेष अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की है। इस पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। उन्हें शनिवार को बलौदा बाजार के सरकारी निवास से गिरफ्तार करने के बाद 15 दिनों की रिमांड पर जेल भेजा गया था।
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष देवांगन के खिलाफ एसीबी ने खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अपराध दर्ज होने के बाद से देवांगन को रिकॉर्ड में फरार बताया जाता रहा। इस बीच उन्हें संयुक्त कलेक्टर के पद पर प्रमोशन देकर बलौदा बाजार में पदस्थ कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने एक बार फिर आरोपी अफसर की गिरफ्तारी होने की शिकायत लोकायोग से की। एसीबी टीम ने शनिवार को बलौदा बाजार के सरकारी निवास से उन्हंे गिरफ्तार किया।
था। एसीबी ने देवांगन को शाम को अदालत में पेश किया। वहां से पूछताछ के लिए उन्हें 15 दिन की रिमांड पर लिया गया है। आरोपी अधिकारी ने जमानत अर्जी लगाई है, इस पर मंगलवार को सुनवाई की संभावना है।
सरकंडा के बिल्डर चितपाल वालिया ने वर्ष 2007 में बिना सरकारी अनुमति के जमीन प्लॉटिंग कर बेच दी थी। इसकी शिकायत तत्कालीन एसडीएम संतोष देवांगन से की गई। एसडीएम ने बिल्डर पर मामूली पेनाल्टी लगाई। कुछ दिन बाद बिल्डर से सांठ-गांठ कर देवांगन ने अपने ही आदेश को पलटते हुए प्लाॅटिंग के मामले को सही बता दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले में 10 से 12 लाख रुपए की लेन-देन की गई है। सरकंडा के कमलेश शुक्ला ने इसकी शिकायत लोक आयोग से की। जांच में मामला सही निकला। लोकायोग की अनुशंसा के बाद एसीबी ने 2010 में देवांगन के खिलाफ धारा 13-1डी, 13-2 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 सहपठित धारा 420, 467, 468, 120बी के तहत जुर्म दर्ज कर राज्य सरकार के पास अभियोजन के लिए भेजा था।
राज्य शासन की ओर से 14 जुलाई 2014 को अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर चालान बनाया गया था।