यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता पर आज मंथन
यूनिवर्सिटीजकी स्वायत्तता पर बिलासपुर यूनिवर्सिटी में पहली बार हो रही देशभर के कुलपतियों की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस में मंथन होगा। गवर्नेंस, फाइनेंशियल और एकेडमिक क्षेत्र में स्वायत्तता बढ़ाने पर विशेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसी से प्रस्ताव तैयार होगा।
काॅन्फ्रेंस के लिए बिलासा ऑडिटोरियम तक पंडाल सजाया गया है। काॅन्फ्रेंस सुबह 11 बजे से शुरू होगी। कुलपतियों के रुकने के लिए सर्किट हाउस, गुरु घासीदास गेस्ट हाउस, जीत काॅन्टिनेंटल होटल और एसईसीएल गेस्ट हाउस में कमरे बुक किए गए हैं। काॅन्फ्रेंस में शामिल होने वाले प्रमुख शिक्षाविद्ों में एआईयू के जनरल सेक्रेटरी डॉ. फरकान कमर, पूर्व मुख्य सचिव सुनील कुमार, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी शामिल हैं।
केंद्र और राज्य की भूमिका पर भी चर्चा
वीसीकाॅन्फ्रेंस में पहली बार उच्च शिक्षा में काम करने के लिए स्वायत्ता की जरूरत का मुद्दा उठाया जा रहा है। यह जरूरत राज्य या केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई बंदिशों से भी हो सकती है। एआईयू के रिसर्च विंग के हेड डॉ. अमरेंद्र पाणी कहते हैं काम करने की स्वायत्तता से ही एजुकेशन में क्वाॅलिटी लाई जा सकती है।
बीयू में कॉन्फ्रेंस के लिए देर शाम तक तैयारी चलती रही।
इन विषयों पर होगी चर्चा
दोपहर 12.30 से 1.10 बजे तक
{वर्तमानपरिदृश्य में विवि राज्य का संबंध
दोपहर1.10 से 1.40 बजे तक
{यूनिवर्सिटीकी स्वायत्तता
दोपहर1.40 से 2.10 बजे तक
{यूनिवर्सिटीस्तर पर प्रशासन
दोपहर3 से 3.45 बजे तक
{उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता स्वायत्तता
दोपहर3.45 से 4.15 बजे तक
{भारत में उच्च शिक्षा में उभरती समस्याएं
शाम5.30 से 6 बजे तक
{शिक्षा में स्वायत्तता
शाम6 से 6.45 बजे तक
{यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता और राज्य से संबंध जैसे विषयों पर चर्चा होगी