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हमर राज सुग्घर-सुग्घर तिहार

7 वर्ष पहले
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मर छत्तीसगढ़ बारो महिना कुछु कुछु तिहार मनात रथन बारा महिना परमुख रूप से कोन-कोन तिहार मनाय जाथे तेला मय हर आप मन बताना चाहत हव। अभी जनवरी लगही सब्बो मनखे \\\"\\\"हैप्पी न्यू ईयर\\\'\\\' कई के एक दूसर बधाई देहे लागहीं। का एहि हर हमर नवा साल आय। चइत मउहारी जाड़ परत रथे। चइत के दूसर पाख बासंती नवरात्री के पर्व शुरू होथे। एहि दिन ले हमर नावा बछर शुरू होथे। नवरात्री के आखरी दिन बड़ खुसहाली के साथ रामनवमी मनाय जाथे। हमर दूसर महिना बइसाख हर आय। बइसाख अक्ती मनाय जाथे। दिन दान-पुन के अब्बड़ महत्व हे। ऐहि घानी बर बिहाव घलो भदराय रथे। जेठ के महीना गरमी चुचुवात रथे पसीना तभो ले सबो औरत मन भरे दोपहरि बरसंइत के पूजा बिधि बिधान से करथे। अउ अपन अखण्ड सुहाग के कामना करथे। एहि महिना जेठ ही बारो महिना के एकादशी के सार एकादशी भीमदशी घलो निरजला रइथे। तवा कस तीपत भुइंया ठंडा करे खातिर असाढ़ महिना के शुरूवात चौथा महिना के रूप होथे। असाढ़ लगथे तहां किसान खेती किसानी मगन हो जाथे। किसान मन बर तो पानी गिरिस तहां तिहार जाथे। रथयात्रा के तिहार एहि महिना होथे। असाढ़ पुन्नी के, गुरु पुरनिमा बड़ धूम-धाम से गुरु पूजा करके मनाय जाथे। हमर पांचवां महिना सावन के नाम सुनत ही सिवजी के धियान जाथे। सावन के महिना बिसेस रूप से सिव अराधना के महिना माने जाथे। नागपंचमी अउ हरेली जेला गेड़ी तिहार घलो कथे सावन ही मनाय जाथे। सावन पुन्नी के भाई-बहिनी के अटूट पियार के तिहार राखी होथे। भादो लगते ही लहर-लहर लहरावत देवि गंगा के रूप भोजली देखते ही मन हर लेथे। एहर छत्तीसगढ़ के परमुख तिहार आय। भादो के महिना हर तो पूरा तिहारे-तिहार बीत जाथे। खमरछठ सब माता मन हलसष्ठी देवी के पूजा कर अपन लइका के मंगलकामना करथे। चारो मुड़ा आठे कन्हैया (जन्माष्टमी) के धूम तो देखत-देखत मन नी भरै। अऊ छोटे-छोटे उपास-धास कतेक गिनव। परमुख रूप से भादो तीजा-पोरा के तिहार मनाय जाथे। तीजा के बिहान भय गनेस चउथ चारो मुड़ा गनपति के जयजयकार सुनाई परत रथे। गनपति के ठंडा होते ही अपन पुरखा मन ला पानी देहे के पाख पितर पाख शुरू हो जाथे। घर-घर ओरिया लिपाय चउंक पुराक अउ बरा बोबरा के खुश्बु आय लागथे। पितर पाख हर कुंवार के पहिली पाख होथे। दूसर पाख शारदीय नवरात्री के धूम शुरू हो जाथे। चारों डहर जसगीत सुनाय लागथे। तेकर ले दसमी के असत सत्य के जीत अधर्म धर्म के जय दसहरा बड़ उल्लास के साथ मनाय