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अवइया हे सहर के चुनई, तेकर गोठ हर कम नई हे
गर पालिका के चुनई के बेरा हर लकठिया गे हे काबर समाचार रोज्जे पढ़े बर मिलत हे के अमुक पारा वार्ड गलि बस्ती के का-का बुता हर करे के लाइक हे अउ का-का बुता हर होय हे के नीं ही। जऊन बुता हर होय हे तेकरो चारी होअत हे अउ जऊन बुता हर नीं हो पाइस तेकरो चारी पढ़े बर मिलत हे। बुता हर होय हे कइसनहा होय हे। कतका बनाईन, कतका बिगाड़िन अउ कतका सुग्घर होइस तेकरो चारी हर कम हीं हे। समाचार पढ़के ठोढियाय मनखे मन के गोठ घलोक हर धरें नीं करत हे। आनी बानी के गोठ होअत हे। गोठ करईया मन के का हे। उधार बाढ़ी गोठेच्च तो करत हे। समाचार पढ़े ले अइसे लागत हे। तेकरो बड़ाई के गोठ सूने पढ़े बर मिलत हे। फेर सबले भारी गोठ बिलासपुर के सिवरेज फूटे सड़क के होअत हे। सिवरेज के फेर बने सुघ्घर सड़क रद्दा उजार के खंचवा डबरा बना दिन हे। जऊन सड़क रद्दा के डामर सड़क बनाई हे ओहू हर एकेच्च पानी बहिरागे। सड़क रद्दा हर बहिरागे अउ खंचवा डबरा हर कईसे सड़क आगे। ये हर ओइसनहे गोठ हो गे - एक झीन अंगरेज मनखे हर हमर राज आईस देखिस गाय हर भिथिया गोबर कईसे करिस होहि। अड़बड़ गूने लागिस। बिचारे लागिस। सोंचत-सोचत मने मन कहय अरे भाई गाय हर गोबर करिस होहि भिथिया सुग्घर रोटी बरोब्बर गोलवा गोबर कईसे करिस होहि। ओकर बर सोध खोजे के बिसय बन गे। सोध करे बर घर लिहिस। सोध करत-करत गम पाईस के गाय हर गोबर भुयीआं करिस हे तऊन इहां के महतारी मन अपन हाथ सकेल के छेना बनाय बर भिथिया चटका दिहिन हे। भिथिया के चटके गोबर हर सुखाके छेना बन जाहि त..ऐ छेना हर चुलहा बारे काम आहि। चुलहा आगी बरथे तेमा जेवन बनाय जाथे। जेवन जऊन बनथे तेकर सुआद हर अड़बड़ गुरतुर अउ मिठास लागथे। तईसनहे कस हमर बिलासपुर के सिवरेज बनाय सड़क रद्दा के हो गे हे। सड़क हर कति उड़ागे अउ ओकर जघां खंचवा डबरा के बनके पानी हर भरागे तेकर सेती रेंगईया मन के मुड़ कान, गोड़ हाथ नइ टुटहि तउन हर हमर बिलासपुर बर सोध अउ खोज के बिसय कस लागथे। अईसनहे ऐक ठीन आऊ जीनिस के खोज करे के लाइक हे। सड़क रद्दा के तीरे-तीरे हमर सियान मन पेड़ लगाइन। काबर? कि पेड़ रईहि सुग्घर छईहां होहि। सुग्घर छईहां होहि चिरई चुरगुन होहि। चिरई चुरगुन होहि भुईया भितरी के पानी बिद बिदाके अंते नइ भागहि, तेकर ले हमर इहां के जलहर बहांचहि। छईहां रईहि अवईया जवईया मन सुग्घर घमहा बेरा सुसताय के ठऊंर मिलहि। फुहुर-फुहुर पावन आहि नींक लागहि फेर काकर नन्जर पर गे। कोन आंख