वाॅर्मर बढ़ा दें, स्टाफ कहां से लाएं
सिम्स की एनआईसीयू में फिर एक शिशु की मौत
सिम्सके नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में संक्रमण और दूसरे कारणों से फिर एक नवजात शिशु की मौत हो गई। इसे प्रबंधन की संवेदहीनता ही कहेंगे कि नसबंदी कांड की तरह अब नवजात की मौत को दबाने और लीपापोती करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। बुधवार की देर रात बिलासपुर की सुरुज बाई के बच्चे ने यहां दम तोड़ दिया, लेकिन कोई भी इसकी पुष्टि करने को तैयार नहीं है। प्रबंधन इसे दबाने की कोशिश कर रहा है। अब तक 19 मौतें हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से लेकर तमाम ओहदेदार इन मौतों को स्वाभाविक मान रहे हैं, लेकिन सवाल है कि आखिर प्राइवेट अस्पतालों में यही बच्चे कैसे बचा लिए जाते हैं। जबकि ये सुविधाएं उनके अस्पतालों में है। एनआईसीयू में बुधवार की दोपहर हिर्री माइंस की सूरजा बाई के बच्चे की मौत हो गई थी। उसे 7 दिसंबर को यहां भर्ती करवाया गया था। दूसरी ओर मासूमों की लगातार हो रही मौत के बाद सिम्स प्रबंधन ने नई एनआईसी यूनिट तैयार करने की कोशिशें शुरू कर दी हंै। नई यूनिट में 20 नए वाॅर्मर के लिए प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखा है।
नए एनआईसी यूनिट में कितने वाॅर्मर रखे जाएंगे?
{20वार्मर की मांग तो शासन से की गई है। 10 पहले से हैं। इतने तो लगाए ही जाएंगे, लेकिन यहां पर समस्या स्टाफ और विशेषज्ञ डाॅक्टर की आएगी। इतने लोग यहां नहीं जो व्यवस्था संभाल सकें।
नएकक्ष में किस तरह बदलाव किया जा रहा है? कब तक पूरा हो जाएगा?
{वहकक्ष भी एनआईसी यूनिट के नार्म्स के मुताबिक नहीं बना है। उसमें भी तब्दीलियां की जा रही है। उसमें दो पार्टीशन और लगेंगे। इसके अलावा आक्सीजन पाइप लाइन अन्य सुविधाएं भी वहीं पर की जाएंगी।
सीधी बात
डाॅ. रमणेश मूर्ति, अधीक्षकसिम्स