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सिम्स में परिजनों के पैसे से एनआईसीयू की सफाई होती है, वरना गंदगी पसरी रहती है

7 वर्ष पहले
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शहरके मेडिकल कॉलेज को अब इलाज की जरूरत है। लापरवाही के चलते सिम्स में अव्यवस्था हावी है। पूरे कैंपस में साफ-सफाई का अभाव है। हालात ये हैं कि परिजनों से पैसे लेकर एनआईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड की सफाई करवाई जाती है। पैसे नहीं मिलने पर गंदगी पसरी रहती है। अस्पताल में 18 नवजातों की मौत के पीछे गंदगी से फैल रहे इन्फेक्शन को भी बड़ी वजह माना जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज होने के कारण शहर समेत आस-पास के हजारों लोग इलाज के लिए सिम्स की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। उनकी उम्मीद यहां पहुंचते ही खत्म हो जाती है। ओपीडी से लेकर वार्डों तक पूरी तरह से अव्यवस्था हावी है। कैंपस में पार्किंग के किनारे ही मरीजों के परिजनों को खाना बनाने के लिए जगह दी गई है। यहां की स्थिति गौशाला या अस्तबल से भी बुरी है। धूल, कचरे से भरी इस जगह में मरीजों के परिजन ईंट के अस्थाई चूल्हे बनाते हैं। फिर लकड़ी की व्यवस्था कर खाना बनाते हैं। सब्जी काटने, चावल-दाल धोने, आटा गूंथने से लेकर खाना खाने तक उन्हें धूल-धुसरित जगह में ही रहना पड़ता है। यहां से गंदगी की शुरुआत होती है, जो वार्डों के अंदर तक नजर आती है। ये ही मरीजों के लिए इन्फेक्शन की वजह बन रहा है।

प्रसूता को उठाने-बैठाने के लगते हैं पैसे

वार्डके अंदर फर्श की साफ-सफाई तो करवाई जाती है, मगर वहां लगे बेड की सफाई के बदले मरीजों से पैसे मांगे जाते हैं। हद तो तब हो जाती है जब प्रसूता को उठाने-बैठाने, उसके कपड़े बदलने के लिए भी पैसे की मांग की जाती है।

नसबंदी कांड की तरह नवजात मौत कांड ने भी 19 मौतों का आंकड़ा छू लिया है। अभी भी 27 बच्चे एनआईसीयू में 12 वाॅर्मर में रखे गए हैं। इसमें से 10 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार एक वाॅर्मर एक बच्चे के लिए ही होता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उसमें दो बच्चे रखे जा सकते हैं।

अब तक 19 नवजातों की मौत

सिम्स के एनआईसीयू के वॉर्मर में एकसाथ तीन-चार बच्चों को रखा जा रहा है। इससे इन्फेक्शन फैलने की आशंका बनी रहती है।

कहते हैं जच्चे-बच्चे को ले जाओ

जयरामनगर निवासी लक्ष्मी प्रसाद साहू ने बताया कि उनकी बहू चंद्रकली का शुक्रवार को सुबह 11.5 पर सिम्स में बेटा हुआ है। मां तो स्वस्थ है, मगर नवजात पेट में पानी भरने से सीरियस है। बच्चा होने के बाद डाॅक्टरों ने कहा कि उनका बच्चा सीरियस है, लिहाजा उन्