पीएचडी की प्रवेश परीक्षा 20 जनवरी तक
बिलासपुरयूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए प्रवेश-परीक्षा 20 जनवरी तक होगी। बीयू इसके पहले रिसर्च गाइड की प्रक्रिया पूरी करना चाह रही है। इसके लिए 100 से अधिक आवेदन आए हैं। इनकी स्क्रूटनी की जा रही है।
बीयू के लिए सबसे बड़ी चुनौती पीएचडी प्रवेश-परीक्षा से पहले अन्य औपचारिकताएं पूरी करना है। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पुराने आॅर्डिनेंस के 34 मामले बीयू को मिले हैं। इनमें से अधिकांश सुलझाए जा चुके हैं। रिसर्च गाइड के लिए आए आवेदनों की अभी स्क्रूटनी की जा रही है। आवेदनों में देखा जा रहा है कि कौन नए आॅर्डिनेंस के अनुसार फिट हैं और वे कितने रिसर्च करवा चुके हैं। नियमों के मुताबिक प्रोफेसर को आठ, एसोसिएट प्रोफेसर को छह और असिस्टेंट प्रोफेसर को चार रिसर्च करवा सकते हैं। सलेक्ट होने पर पहले करवा चुके रिसर्च उसमें से माइनस हो जाएंगे। यानी कोई प्रोफेसर पूर्व में चार रिसर्च करवा चुका है तो वर्तमान में चार पीएचडी ही करवा पाएगा। जून से पीएचडी को कोर्स शुरू हो जाएगा।
महीनेभर में पूरी करनी है तैयारी
बीयूके पास समय कम और काम ज्यादा है। यूनिवर्सिटी के पास कर्मचारियों की कमी होने से तय समय में काम करना मुश्किल हो रहा है। दिसंबर आधा बीत चुका है और 20 जनवरी तक प्रवेश-परीक्षा करवानी है। समय नजदीक आता देख तैयारी तेज कर दी गई है।
नए सत्र से पीएचडी के लिए रास्ता होगा आसान
अभीपीएचडी करने वाले स्टूडेंट सेंट्रल यूनिवर्सिटी से कोर्स कर रहे हैं। बिलासपुर यूनिवर्सिटी में अब तक आॅर्डिनेंस नहीं बनने के कारण दो साल तक यह विकल्प ही नहीं था। इस साल आॅर्डिनेंस बनने से लेकर तमाम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हंै। जनवरी में प्रवेश-परीक्षा होने के बाद जो रिसर्च स्काॅलर जिस रिसर्च गाइड के साथ पीएचडी करना चाहेगा उसे रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके बाद पीएचडी के लिए अधिकतम चार साल का समय होता है। इसके बाद भी पीएचडी पूरा नहीं होने पर अधिकतम एक साल का समय और मिल जाता है।