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ओवरलोड वाहनों के कारण हो रही दुर्घटनाएं पर व्यवस्था सुधारने की दिशा में पहल नहीं हुई
नगरमें इन दिनों फिर से भारी वाहनों ओवरलोड वहनों के चलते दुर्घटनाएं हो रही हैं, नागरिकों की शिकायत के बाद भी यातायात विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं नगर की सड़कों पर दौड़ने वाले ओवरलोड वाहनों पर रोक टोक नहीं है। इस कारण से नगर की सड़कों का बुरा हाल हो रहा है। कलेक्टर से की गई शिकायत भी बेअसर है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों स्कूली छात्रा की पुल पर दर्दनाक मौत हुई थी, इसके बाद कुछ दिन तक दिखावे के लिए भारी वाहनों को बाई पास से होकर भेजा रहा था। पर कुछ दिन बाद ही फिर से नगर से होकर भारी वाहनों का प्रवेश शुरू हो गया है। इससे फिर बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। निर्धारित क्षमता से अधिक लोड वाले वाहनों से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर का मुख्य मार्ग वाला क्षेत्र बाजार लाइन होने के कारण अक्सर भीड़ रहती है, क्योंकि अगर किसी को भी एक छोटा सा भी सामान खरीदकर लाना हो तो मुख्य मार्ग से ही होकर जाना पड़ता है। वहीं ओवरलोड वाहनों के लिए नगर से कुछ दूरी पर बाई पास रोड करोड़ों की लागत से बनाई गई है पर चूंकि इसमें से दूरी अधिक तय करनी पड़ती है इसलिए इधर से कोई जाना नहीं चाहता।
बिलासपुर-मुंगेली मुख्य मार्ग से हर रोज बड़ी संख्या वाहनों का आवागमन होता है। इसकी जानकारी शासन-प्रशासन दोनों को है। इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रहा है। ट्रकों में बाहर तक निकले छड़, खंभे बांस के कारण वाहन के पीछे चल रहे दुपहिया या अन्य वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं कई बार मुख्य मार्ग में ओवरलोड वाहनों के ब्रेक लगाने से पीछे रहे वाहन चालक उससे टकरा जाते हैं। ओवरलोड तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने मंगेली-बिलासपुर मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग को लेकर कई बार चरौंधा, बेलसरी, बरेला, के ग्रामीणों ने चक्काजाम किया गया। इसके बाद भी अब तक तो स्पीड ब्रेकर नहीं बना है और ही नगर से हर रोज गुजर रहे ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है।
बेलगाम गाड़ियां, हादसे-दर-हादसे: -2फरवरी 2015 को भीम चौक के पास ट्रक की टक्कर से फाॅरेस्ट गार्ड के भांजे अभिषेक श्रीवास्तव की मौत।
-13 जनवरी 2015 को रानीगांव में ट्रक ने शिक्षक ओलम दास पनदिया को कुचला।
-28 अगस्त 2014 को खंडोबा बाइपास के पास ट्रक वैन की टक्कर से ड्राइवर संतराम की मौत।
-7 अगस्त 2014 को रतनपुर बाइपास के उचनापारा के पास महिला को वाहन ने कुचल दिया था।
-26 जुलाई 2014 को बेलतरा के पास तत्कालीन डीएसपी विभोर सिंह के पिता रामबहोरन की मौत।
-25 जून 2014 को खूंटाघाट से लौट रहे छात्र कमलेश सिंह पैकरा की टैंकर की टक्कर से मौत।
सब्जियों से भरी पिकप पलटी, ड्राइवर की मौत चार घंटे तक सड़क पर ही पड़ा रहा शव
करोड़ों की लागत से बनी बाईपास सड़क का नहीं होता उपयोग
वहींनगर से लगे ग्राम भथरी ग्राम मोढ़ रोड से लाखों की लाग से मुंगेली-बिलासपुर प्रमुख मार्ग का बाईपास रोड का निर्माण किया गया है। पर इस रोड से वाहन संचालक अपने वाहनों को कभी नहीं ले जाते। बासपास रोड का उपयोग भारी वहनों के आने जाने के लिए बनाया गया है। पर वाहन चालक बाईपास की जगह मुख्य मार्ग नगर के बीचों-बीच से ही गुजारते हैं। भारी वाहनों के चलते कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
क्षमतासे अधिक लोड करते हैं माल
परिवहनविभाग के नियमानुसार गाड़ियों के वजन के हिसाब से लोडिंग होनी चाहिए, 10 चक्का वाले ट्रक में 25 टन माल लोड किया जा सकता है। 12 चक्के के ट्रक में 31 टन 18 चक्के में 35 टन का पासिंग दिया जाता है। वहीं चार चक्के की 407 को 7 टन का पासिंग दिया जाता है। निर्धारित वजन में वाहन का भार भी शामिल है। वाहनों के वजन हिसाब से लोड में कमी और बढ़ोतरी होनी चाहिए। मनियारीपुल पर लग जाता है हर रोज जाम, समस्या बढ़ती जा रही
दोजिलों को जोड़ने वाले मनियारी पुल पर तो प्रतिदिन जाम की स्थिति बन जाती है। इस पुल का निर्माण अंग्रेजों ने लगभग सौ साल पहले कराया था। पर यह आज भी मजबूत है। यह पुल मुंगेली जिला सहित दूसरे शहर जाने के लिए मुख्य मार्ग है। पुल छोटा सकरा होने की वजह से दो बड़े वाहनों को एक साथ आमने-सामने से गुजरने में काफी दिक्कत होती है मुंगेली जिला बनने के बाद से इस मार्ग पर बड़े वाहन चलने की संख्या में काफी इजाफा हुआ। यह मार्ग कई बड़े शहर मुंगेली, कर्वधा, दुर्ग, बेमेतरा, रायपुर, भिलाई, जबलपुर, मण्डला सहित अन्य शहरों को जोड़ता है।
व्यवस्था जल्द सुधारी जाएगी
^अभीथाना तखतपुर के आरक्षकों की ड्यूटी में लगा हुआ है, कुछ दिनों के बाद से मोढ़े बाईपास के पास दो आरक्षकों वहां पर रक्षा जाएगा ताकि नगर में भारी वाहनों का प्रवेश हो सके। लालचंदमोहले थाना प्रभारी तखतपुर।