मौसम बदला, दिनभर ठंडी हवा, बारिश भी हुई
पश्चिमीविक्षोभ के असर से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। धूप की जगह ठंडी हवा चलती रही। सुबह के बाद शाम को भी ठंड महसूस की गई। पेंड्रा में बारिश तो शहर सहित जिले के कुछ इलाकों में बूंदाबादी हुई। मौसम विज्ञानी अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसे ही रहने की बात कह रहे हैं।
दिल्ली से लेकर पाकिस्तान तक ऊपरी हवा में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके असर से पिछले दो दिनों से छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों का मौसम पूरी तरह बदल गया है। इसका असर शहर सहित पूरे जिले में दिखाई दे रहा है। रविवार को जहां सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे, वहीं दोपहर में धूप भी खिली और शाम से लेकर रात तक ठंड का एहसास होता रहा। सोमवार को लगभग पूरे दिन बादल छाए रहे। सुबह तेज ठंड महसूस की गई। दोपहर में धूप खिली, लेकिन वह अन्य दिनों के मुकाबले कमजोर थी। दोपहर में ठंडी हवा चली और शहर के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। इधर पेंड्रा और अंबिकापुर में बारिश हुई। दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जिले में नमी रही है और इससे बादल बन रहे हैं। इसी की वजह से बारिश और बूंदाबादी हो रही है। शहर का अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेंटीग्रेड तो न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री दर्ज किया गया। इधर मौसम विज्ञानी अगले 24 घंटे तक मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना जता रहे हैं। उनके मुताबिक विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद मौसम पहले जैसा हो जाएगा।
मौसम ने ली करवट
हो सकती है बूंदाबांदी
^पश्चिमीविक्षोभ के असर से आसमान पर बादल छाए हुए हैं। इसके असर से पेंड्रा अंबिकापुर के इलाके में बारिश भी हुई है। अगले 24 घंटे में शहर जिले के कुछ इलाकों में बूंदाबादी होने का अनुमान है। -उमेश रायक्वापर्ण, मौसम विज्ञानी, बिलासपुर
कृषि विशेषज्ञ मौसम में बदलाव को खेती के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर तीन-चार दिन तक मौसम ऐसा ही रहा तो दलहन-तिलहन की फसल को नुकसान हो सकता है। चना तिवड़ा में फलियां लग चुकी हैं, जबकि जबकि गेहूं में भी यही स्थिति है। बादल छाने से कीड़ों का प्रकोप बढ़ जाता है।