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ईस्ट पार्क और 10 बैंकों को भेजा नोटिस

6 वर्ष पहले
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पार्किंग के लिए सीलिंग पर तेलीपारा में मचा कोहराम: अमले से शुरू हुआ विवाद बिल्डिंग ऑफिसर से झूमा-झटकी तक जा पहुंचा

सील दुकान की चाबी नहीं दी, अमले से भिड़ गए व्यापारी, चक्काजाम भी

लिंक रोड, फिर सदर गोल बाजार की बारी

भवनोंके पार्किंग स्पेस पर बिजनेस कर रहे व्यापारियों को नगर निगम की कार्रवाई इतनी नागवार गुजरी कि वे निगम के बिल्डिंग ऑफिसर अमले से मार-पीट और हुज्जतबाजी पर आमादा हो गए। तेलीपारा में अवैध निर्माण पर शंकर हार्डवेयर एंड प्लायवुड नामक दुकान को सील करने के दौरान व्यापारी निगम के अमले से भिड़ गए। अतिक्रमण उन्मूलन दस्ते के प्रभारी प्रमिल शर्मा अौर कर्मचारियों के काॅलर पकड़े तो दोनों ओर से झूमा-झटकी, धक्का-मुक्की और फिर देखते ही देखते मार-पीट होने लगी। निगम अमले ने जवाबी कार्रवाई की। व्यापारियों की जुटती भीड़ देख कोतवाली से पुलिस बुलवाई। व्यापारियों ने बिल्डिंग अफसर वीके खेत्रपाल को रोककर दुकान सील करने की जानकारी नहीं देने पर एतराज जताया और चाबी मांगी। पुलिस बल के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।

आम लोगों को ट्रैफिक की परेशानियों से राहत दिलाने और अवैध निर्माण के मामलों में दुकान, काॅम्प्लेक्स के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई का गुरुवार को तीसरा दिन था। एक काॅम्प्लेक्स और एक दुकान सील करने के बाद निगम अमले ने दोपहर करीब 2.15 बजे तेलीपारा रोड के शंकर हार्डवेयर को सील किया। शेषपेज|17

सीलिंगके दौरान दुकान संचालक प्रणय जुनेजा ने विरोध किया, लेकिन अमले ने कार्रवाई पूरी की। सीलिंग के बाद निगम अमला लौटने लगा, तब जुनेजा समेत कुछ व्यापारियों ने प्रमिल शर्मा और असिस्टेंट इंजीनियर गोपाल सिंह ठाकुर को घेरकर तीखे लहजे में पूछा कि सीलिंग की कार्रवाई किसके कहने पर की जा रही है? सील करने के पहले जानकारी क्यों नहीं दी गई। इसके बाद सील की गई दुकान की चाबी लौटाने के लिए झूमा-झटकी हुई। अमले के प्रभारी प्रमिल शर्मा और निगम कर्मचारियों की काॅलर पकड़ने और धक्का-मुक्की को लेकर विवाद बढ़ा। इसके बाद निगम अमले और व्यापारियों के बीच मार-पीट होने लगी। अमले ने बचाव में जवाबी कार्रवाई की। व्यापारियों के विरोध के चलते अमला कोतवाली थाने जा पहुंचा।

अधिकारियों को घेरा, जब्त सामान काऊकैचर से उतारकर सड़क पर फेंका

व्यापारियों ने पहले निगम अमले के प्रभारी प्रमिल शर्मा, फिर एई गोपाल सिंह ठाकुर को घेरा। निगमकर्मी जोर आजमाइश कर उन्हें छुड़ा ले गए तो बिल्डिंग अफसर वीके खेत्रपाल को उनकी कार के पास जा घेरा। बीच बचाव के लिए बाजार विभाग के प्रभारी अनिल सिंह और प्रभारी सब इंजीनियर सौमित्र पहुंचे। कुछ देर में एक के बाद एक सिविल लाइन टीआई सुरेश ध्रुव कोतवाली टीआई आशीष अरोरा वहां पहुंचे और स्थिति संभाली। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खेत्रपाल निगम लौटे। व्यापारियों की भीड़ ने सामान जब्त कर ले जा रहे निगम के काऊकैचर को रोक लिया। ड्राइवर को धमकी देकर ड्राइविंग सीट से नीचे उतारा। इसके बाद भीड़ ने सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वालों से जब्त टेबल, होर्डिंग अन्य सामान को उतारकर सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। एक व्यापारी ने यह कहकर लोगों को रोका कि उन पर सामान चोरी करने की रिपोर्ट लिखवाई जा सकती है। इसके बाद सड़क पर फेंका गया सामान वापस लोड कर दिया गया।

अवैध निर्माण के मामले में दो दुकानें, एक काॅम्प्लेक्स सील, कार्रवाई रोकने आते रहे कॉल

निगम कमिश्नर रानू साहू के निर्देश पर अतिक्रमण निवारण दस्ते और भवन शाखा ने तेलीपारा रोड पर बसंत जायसवाल के विष्णु प्रिया काॅम्प्लेक्स की लगभग 20 दुकानों को सील किया। काॅम्प्लेक्स में नक्शे के मुताबिक पार्किंग के लिए उपयुक्त जगह नहीं छोड़ी गई है। इससे पहले सदर बाजार करोना चौक के पास पूजा लालवानी के चश्मा संसार नामक दुकान को सील किया गया। दुकान नक्शा पास करवा बिना बनाई गई है। डेढ़ साल पहले भी निगम ने यहां कार्रवाई की कोशिश की तो एक नेता के इशारे पर रोक दी गई। बताया जाता है कि सीलिंग के दौरान कुछ नेताओं ने कार्रवाई रोकने के लिए अफसरों को कॉल किए, लेकिन इस बार कार्रवाई नहीं रोकी गई। अंतिम कार्रवाई शंकर हार्डवेयर को सील कर पूरी की गई।

अभियान जारी रहेगा, व्यापारी मदद करें

^अवैधनिर्माण के मामले में 63 दुकानों, होटल और काॅम्प्लेक्स के संचालकों को नोटिस दिया गया हैं। अवैध निर्माण जिसका भी हो, कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ट्रैफिक व्यवस्थित करने के लिए निगम की कार्रवाइयों में व्यापारियों और नागरिकों से मदद की अपील की गई है।\\\'\\\' -रानू साहू, कमिश्नर नगर निगम

डेढ़ घंटे तक रोड पर होता रहा हंगामा

तेलीपारामें शाम 4 बजे तक व्यापारियोंं का विरोध अलग-अलग अंदाज में चलता रहा। अमला लौटा तो सड़क पर टायर जलाए। पुलिस ने पहुंचकर आग बुझाई तो दूसरी जगह फिर टायर जला दिया। कुछ दुकानें भी बंद करवाई। गोल बाजार में चक्काजाम करने जा पहुंचे। पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें रोका।

पहले पार्किंग बनाएं, फिर दुकानें सील करें

तेलीपारारोड पर शंकर हार्डवेयर के संचालक को अवैध निर्माण के मामले में नगर निगम ने पहले ही नोटिस दिया था। संतोषजनक जवाब मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। दुकान संचालकों ने निगम अमले पर दादागिरी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई का विरोध किया। कार्रवाई के दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

व्यापारियों ने सड़क पर रखा सामान जब्त कर ले जा रहे काऊकैचर को रोका, फिर उसमें से जबरन सामान उतार लिया।

व्यावसायिक भवनों में पार्किंग दुरुस्त करवाने के लिए गुरुवार को नगर निगम का अमला तेलीपारा पहुंचा तो जमकर विवाद हो गया। अमले के कर्मचारियों से झूमाझटकी की गई। बात बढ़ी तो व्यापारी बिल्डिंग ऑफिसर से भिड़ गए। पुलिस पहुंचने पर भीड़ शांत हुई।

निगम प्रशासन ने करीब छह साल पहले सिम्स के सामने, लालबहादुर शास्त्री हाईस्कूल और कोतवाली के बगल से बेजा-कब्जा हटवाकर पार्किंग के लिए जगह बनाई गई थी। शास्त्री स्कूल के बगल में काॅन्क्रीटीकरण कर बेरिकेडिंग की गई और पार्किंग के बोर्ड लगाए गए। सिम्स के सामने खुली नालियों पर स्लैब ढालकर जगह बनाई गई। इस पर 40 लाख रुपए खर्च किए गए, लेकिन माॅनिटरिंग के अभाव में इन स्थानों पर दुकानें लगने लगी हैं।

ट्रैफिक दुरुस्त करने निगम का ये प्लान

निगमकमिश्नर रानू साहू ने बताया कि अवैध निर्माण के मामले में 63 दुकान के संचालकों को नोटिस दिया गया है। पिछले तीन दिनों में नौ संचालकों की 34 से अधिक दुकानें सील की जा चुकी हैं। दुकान सील करने की कार्रवाई अनुमति के विरुद्ध निर्माण, नक्शे में पार्किंग की जगह दर्शाने के बाद मौके पर जगह नहीं छोड़ने के कारण की जा रही है। उन्होंने बताया कि लिंक रोड और सदर गोल बाजार की सड़क पर अवैध पार्किंग वाली जगहों को चिन्हित कर नो पार्किंग के बोर्ड लगाए जाएंगे और रोड की मार्किंग कराई जाएगी। यह प्रक्रिया अगले दो-तीन महीने में पूरी की जाएगी। दुकानदारों आम पब्लिक से कहा गया है कि वे सड़क पर अपने वाहन पार्क करें।

पार्किंग होने पर तेलीपारा के कॉम्प्लेक्स की सभी दुकानें सील कर दी गईं।

अवैध निर्माण पर होटल भवन मालिक को नोटिस

मुख्यमार्गों पर भवनों को भी पार्किंग व्यवस्था करने पर नोटिस दिया गया है। अभिषेक अग्रवाल को लिंक रोड पर निगम की अनुमति के विपरीत अधिक निर्माण करने पर नोटिस दिया गया था। पूर्व में मकान मालिक ने बतौर राजीनामा शुल्क 33.81 लाख रुपए जमा करने की जानकारी दी थी। संशोधन के लिए राशि जमा करने पर उन्हें नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 307(3) से कार्रवाई का नोटिस भेजा गया है। इसी तरह होटल ईस्ट पार्क को अनुमति के विपरीत निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया गया था। ऋतुराज वाजपेयी की ओर से भवन का पूर्णता प्रमाण-पत्र मांगा गया था। निगम ने अवैध निर्माण का निराकरण होने तक प्रमाण-पत्र देने से इनकार कर दोबारा नोटिस भेजा है।