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रपटा की कटऑफ वाॅल के बोल्डर बहे, मरम्मत के लिए फिर टेंडर
89 लाख रुपए की लागत से होनी है मरम्मत
नई टो-वाॅल बनवाएंगे
रपटाकी डाउन स्टीम के कटऑफ वाॅल के ठीक बाद एक टो-वाॅल का निर्माण करवाया जाएगा। इससे पानी के तेज बहाव से कटआॅफ वाॅल को कोई नुकसान नहीं होगा। पानी टो-वाॅल के ऊपर से बह जाएगा। टो-वाॅल के निचले हिस्से में मजबूत काॅन्क्रीटीकरण करवाया जाएगा, ताकि वह बोल्डर की तरह बह जाए। अरपा पर बनने वाली टो-वॉल 324 मीटर होगी।
भास्कर न्यूज | बिलासपुर
शनिचरीरपटा के डाउन स्टीम में बनी कटऑफ वाॅल के बोल्डर पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। कटऑफ वाॅल की पीचिंग बहने की वजह से रपटा तीन साल से खतरे में है। इसकी मरम्मत के लिए दो बार टेंडर जारी किया गया, लेेकिन किसी किसी वजह से रद्द करना पड़ा। तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है। इसके लिफाफे एक-दो दिन में खुलेंगे। रपटे की मरम्मत पर 89 लाख रुपए खर्च किए जाने हैं।
शनिचरी रपटा के डाउन स्टीम में लगभग पांच मीटर की कटऑफ वाॅल बनी हुई है। जहां वाॅल खत्म हुई है, वहां पर स्लोप बनाकर बोल्डर की पीचिंग करवाई गई थी। पानी के तेज बहाव और रपटे के आस-पास से रेत निकाले जाने की वजह से कटऑफ वाॅल के बाद की पीचिंग से बोल्डर और नीचे की रेत बह गई। अब स्थिति यह है कि जहां कटऑफ वाॅल खत्म हुई है, वहां पानी सीधे नीचे गिरता है। इसके चलते किनारे पर गड्ढा होता जा रहा है। वाॅल के धसकने का खतरा बना हुआ है। इसे भांपते हुए बिलासपुर के सेतु डिवीजन ने सालभर पहले प्रस्ताव बनाकर इसकी मरम्मत के लिए 89 लाख रुपए की मंजूरी शासन से ली थी। मंजूरी के बाद सेतु डिवीजन ने टेंडर जारी किया। पहले टेंडर में इकलौता लिफाफा आया। इसमें भी खामी की वजह से टेंडर निरस्त करना पड़ा। दूसरे टेंडर में ज्यादा लिफाफे आए, लेकिन उसकी प्रक्रिया में कुछ खामियां नजर आईं। इसे भी निरस्त कर दिया गया। इसके बाद तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है। यह सोमवार या मंगलवार को खोला जाएगा। इसके बाद संबंधित कंपनी को वर्कआॅर्डर जारी किया जाएगा। इसमें एक महीने का समय लगेगा। तब तक अरपा नदी में पानी भी कम हो जाएगा। इससे काम करने में आसानी होगी।