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अधूरी होने की वजह से गलतफहमी

7 वर्ष पहले
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डीपी विप्र के शपथ समारोह में ग्रहण, आरोप-प्रत्यारोप से बिफरे मंत्री

डीपीविप्र कॉलेज में छात्रसंघ के शपथ ग्रहण समारोह में बखेड़ा खड़ा हो गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल और लोरमी के पूर्व विधायक धर्मजीत सिंह मौजूद थे। बीच में ही नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष अल्का मौर्य ने प्राचार्य और प्रशासक पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। इससे मंत्री अग्रवाल नाराज हो गए।

डीपी विप्र कॉलेज के छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह को उस समय ग्रहण लग गया, जब कार्यक्रम के बीच में छात्रसंघ अध्यक्ष ने आरोप लगाना शुरू कर दिया। मौर्य को स्वागत भाषण के लिए बुलवाया गया। बताया जा रहा है कि स्पीच शुरू करने के कुछ देर बाद अल्का ने प्राचार्य और प्रशासक पर तरह-तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए। स्पीच के अंत में प्रशासक एडिशनल कलेक्टर नीलकंठ टेकाम की ओर इशारा करते हुए यह भी कहा कि अगर छात्रसंघ को दो दिन के अंदर कमरा नहीं दिया गया तो वे पंडाल लगाकर यहीं बैठेंगी। वहां मौजूद स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल यह सुनकर भड़क गए। उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष मौर्य को नसीहत दी कि यह स्नेह सम्मेलन है। ऐसे समारोहों में आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए जाते। इसके बाद पूर्व विधायक धर्मजीत सिंह ने छात्रों का बचाव करते हुए मामले को शांत करवाने का प्रयास किया।

आपने प्राचार्य प्रशासक पर आरोप लगाए?

{ऐसा कुछ नहीं हुआ। धन्यवाद देना चाहती थी। स्क्रिप्ट कंप्लीट नहीं थी।

प्रशासकने भी पुष्टि की?

{नहीं,ऐसा नहीं है। वे तो हमेशा छात्रों की मदद करते हैं।

छात्रसंघप्रभारी ने भी कहा, बगैर फाॅरवर्ड करवाए स्क्रिप्ट पढ़ी?

{हमेंजो दिक्कत थी, वे बातें उसमें थीं। स्क्रिप्ट अधूरी थी,इसलिए गलतफहमी पैदा हुई है।

सीधी बात

बाहरी छात्रनेताओं की दखल रोकेंगे

^छात्रसंघअध्यक्ष ने कॉलेज के प्राचार्य और प्रशासक पर आरोप लगाए हैं। इससे मंत्री नाराज हो गए और ऐसे कार्यक्रम में आरोप नहीं लगाने की बात कही। कॉलेज में बाहरी नेताओं के प्रवेश को सख्ती से रोका जाएगा। अागे ऐसा हो इसके लिए सतत् मॉनिटरिंग की जाएगी। -नीलकंठ टेकाम, अपरकलेक्टर प्रशासक डीपी विप्र कॉलेज

स्क्रिप्ट मुझसे फाॅरवर्ड नहीं करवाई गई

^छात्रसंघप्रभारी होने के नाते स्वागत भाषण के लिए बोले जानी वाली स्क्रिप्ट को मुझसे फाॅरवर्ड करवाना था। ऐसा नहीं हुआ, सब-कुछ छात्रसंघ ने तय कर लि