एफआईआर नहीं कराने वाली सोसायटी को नोटिस
दोसाल पहले ढाई करोड़ रुपए की घपलेबाजी करने वाले प्रबंधक ऑपरेटर के खिलाफ आदेश के बाद भी जुर्म दर्ज नहीं होने के मामले में नए डिप्टी रजिस्ट्रार ने सलका ( बेलतरा) सोसायटी को नोटिस भेजा है। नोटिस में उनसे एफआईआर नहीं कराए जाने की वजह पूछी गई है।
रतनपुर इलाके की सलका सोसायटी में दो साल पहले ढाई करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा दैनिक भास्कर ने किया था। धान खरीदी (2012-13) के दौरान संस्था प्रबंधक बलराम कश्यप और डाटा एंट्री ऑपरेटर राकेश वर्मा ने संचालक मंडल के सदस्यों के साथ मिलीभगत कर धान की फर्जी खरीदी की। वर्ष 2011-12 में उस केंद्र में 35 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई, जबकि दूसरे ही साल 2012-13 में दो करोड़ रुपए का 16 हजार क्विंटल अधिक धान खरीदा गया। इसके एवज में 44 लाख रुपए का बोनस हासिल किया गया। एक ही साल में डेढ़ गुना खरीदी बढ़ने पर गांव के रामरतन कौशिक चंदलाल कश्यप ने तत्कालीन कलेक्टर ठाकुर राम सिंह से शिकायत की। जांच में सोसायटी प्रबंधक और ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध मिली। हद तो ये थी कि राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के दावों के बावजूद यहां मध्यप्रदेश का 500 बोरा धान खरीद लिया गया। मल्हार में पौने चार करोड़ का फर्जीवाड़ा सामने आया और लगातार खबरें प्रकाशित करने की वजह से ही इस मामले के 13 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराया गया। दैनिक भास्कर ने दो साल पहले सलका में हुए फर्जीवाड़े के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराए जाने को लेकर सवाल खड़े करते हुए खबर प्रकाशित की तो हाल ही में ज्वाइन करने वाले डिप्टी रजिस्ट्रार डीआर ठाकुर ने सोसायटी के संचालक मंडल को नोटिस भेजा। बताया जा रहा है कि संचालक मंडल से एफआईआर नहीं कराए जाने का कारण पूछते हुए जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कराने कहा गया है। सहकारिता निरीक्षक अरुण शर्मा ने सोसायटी को नोटिस भेजे जाने की पुष्टि की है।
भरारी में नहीं हुआ जुर्म दर्ज
मस्तूरीब्लॉक की भरारी सोसायटी में 2012-13 में संस्था प्रबंधक भागबली धृतलहरे ने धान खरीदी में गड़बड़ी की। इसके बाद उसके भाई पुकराम धृतलहरे ने भी फर्जीवाड़ा किया। कलेक्टर ने सोसायटी में जांच करवाई, तब खुलासा हुआ कि पुकराम ने 3,873 क्विंटल धान की गड़बड़ी है। एफआईआर के निर्देश के बाद भी यहां अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। खाद्य अधिकारियों के मुताबिक इसमें पुलिस रुचि नहीं