पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सड़क चौड़ीकरण में बाधक बन रहे खंभे और बेजा कब्जे

सड़क चौड़ीकरण में बाधक बन रहे खंभे और बेजा-कब्जे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहरके आस-पास की पांच सड़कों के चौड़ीकरण का काम एक साल से भी अधिक समय से रुका हुआ है। इन सड़कों को बनाने में बिजली खंबे, पेड़ और अतिक्रमण बाधा बन रहे हैं। यही वजह है कि जिला स्तरीय समीक्षा समिति ने बिजली, वन और राजस्व विभाग के अफसरों को बुलाकर समन्वय से काम करने के लिए कहा।

सभी विभागों की समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें दूर करने के लिए जिला स्तर पर समीक्षा समितियां बनाई गई हैं। समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी की पांच प्रमुख सड़कों पर गंभीरता से चर्चा कर इनके निराकरण की पहल की गई। बैठक में मौजूद पीडब्ल्यूडी बिलासपुर संभाग क्रमांक एक के ईई आरके खाम्बरा ने पांच प्रमुख सड़कों की समस्याएं रखी। सड़क निर्माण से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को लेकर जिम्मेदार विभागों के अफसरों से कहा गया कि वे सारे काम समय पर पूरे करें, ताकि सड़कें बनाई जा सकें। बिजली राजस्व विभाग के मामले सबसे ज्यादा सामने आए।

5. बिल्हा,डोडकी और पौंसरी सड़क आठ किमी लंबी है। केवांची, एठुलकापा में जमीन का मुआवजा दिया जाना है। एक साल से इस सड़क का काम सीमांकन के लिए रुका हुआ है। राजस्व विभाग से यह काम तत्काल पूरा करने के लिए कहा गया।

3. काठाकोनीसे मेढ़पार तक 15 किमी लंबी सड़क की चढ़ाई तीन से बढ़ाकर सात मीटर चौड़ा किया जाना है। इसके लिए काठाकोनी, लाखासार, सागर और मेढ़पार गांव की जमीन अधिग्रहित की जानी है। बिजली खंबे शिफ्ट होने हैं।

2. मोपका,लगरा, गतौरा होते हुए जयराम नगर तक 13.5 किमी सड़क तीन मीटर चौड़ी है। इसे सात मीटर किया जाना है। बिजली खंबों हैंडपंप की शिफ्टिंग कर वन भूमि के अधिग्रहण के अलावा कुछ स्थानों पर अतिक्रमण भी हटाया जाना है। विभाग के अफसरों को संयुक्त सर्वे कर काम जल्द पूरा करने के लिए कहा गया।

4. खपरी-बीजासे करगी तक 18.80 किमी लंबी सड़क पर बीजा में बेजा-कब्जा है। इसे हटाया जाना है। यह सड़क भी तीन से बढ़कर सात मीटर की बननी है। जमीन अधिग्रहण और बिजली खंबों की शिफ्टिंग होनी है।

1. चांटीडीहसे खमतराई होते हुए बैमा-नगोई तक 14 किमी तक तीन मीटर सड़क को 5.50 मीटर चौड़ी करनी है। इसमें सबसे बड़ी बाधा बिजली खंबों की शिफ्टिंग है। बिजली विभाग को पत्र लिखा गया है। बिजली विभाग के अफसरों ने बताया कि सर्वे पूरा हो चुका है, डिमांड नोट भेजने के लिए विभागीय मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क पर कुछ बाधाएं वन विभाग से जुड़