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दिनभर एक-दूसरे को देखते हुए गुजरा सीएमडी के दोनों प्राचार्यों का दिन
डीपी विप्र कॉलेज को गवर्नमेंट काॅलेज बनाने की मुहिम शुरू
डीपीविप्र कॉलेज को गवर्नमेंट कॉलेज बनाने की मुहिम शुरू हो गई है। दो साल पहले तक विवादों के कारण इस कॉलेज की पढ़ाई चौपट हो गई थी। राज्य शासन के कॉलेज में प्रशासक बैठाने के बाद यहां की स्थिति कुछ हद तक संभली। काॅलेज के प्राध्यापक चाहते हैं कि राज्य शासन इसे गवर्नमेंट काॅलेज घोषित कर दे। कॉलेज में पूर्व में हुई अनियमितताओं को देखते हुए प्राध्यापकों ने कलेक्टर से मिलकर यह मांग उठाई है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा का माहौल और स्तर दोनों बने रहेंगे। उन्होंने कॉलेज में बाहरी छात्र नेताअों के प्रवेश पर रोक लगाने की भी मांग की।
डीपी विप्र कॉलेज में एक बार फिर बड़ी मुहिम छिड़ गई है। यह मुहिम काॅलेज के सरकारीकरण को लेकर है। काॅलेज के प्राध्यापक चाहते हैं कि अब आगे कोई विवाद जैसी स्थिति आए, इसके लिए कॉलेज काे शासकीय घोषित कर दिया जाए। कॉलेज में प्रशासक की स्थिति फिलहाल अस्थाई ही है। जब भी प्रशासक कॉलेज से हटेंगे, वे अपनी इच्छा के अनुसार समिति बनाएंगे। यहां तक तो ठीक है, लेकिन यह स्थिति आते ही फिर से विवाद शुरू हो जाएगा। यही वजह है, प्राध्यापक चाहते हैं कि कॉलेज को गवर्नमेंट कॉलेज घोषित कर दिया जाए। दो साल तक प्रशासक बनने के बाद अपर कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के कार्यकाल में एक साल की और वृद्धि कर दी गई है। मंगलवार को डीपी विप्र काॅलेज के प्राध्यापकों ने पहले अपर कलेक्टर प्रशासक नीलकंठ टेकाम से मुलाकात की। फिर कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल परदेशी से भी मिले। जिस तरह से छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह में आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए, उससे कॉलेज के प्राध्यापक भी आहत हैं। वे चाहते हैं कि जो गतिविधियां पूर्व में बाहरी छात्रनेताअों की होती थी, वह अब दोबारा शुरू हो जाएं।
शासन तक पहुंचाएंगे प्राध्यापकों की मांग
^बाहरीछात्रनेताअों के कॉलेज कैंपस में प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग पर पहले ही कहा जा चुका है। यह प्रतिबंध जारी रहेगा। दूसरी मांग काॅलेज को हैंडओवर करने की है। प्राध्यापकों की यह मांग राज्य शासन तक पहुंचा दी जाएगी। इस फैसला राजधानी स्तर पर ही लिया जाना है। -नीलकंठ टेकाम, अपरकलेक्टर एवं प्रशासक डीपी कॉलेज
कुर्सी के लिए भी चल रही जोड़-तोड़
काॅलेजमें वर्तमान प्राचार्य आरपी पांडे पहले ही लिखकर दे चुके हैं कि वे अब प्राचार्य नहीं बने रहन