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जिले में 2.27 लाख किसान, 15 दिनों में सिर्फ 128 रजिस्टर्ड

7 वर्ष पहले
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जिलेमें 15 दिनों में महज 128 किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। कोरबा, मुंगेली और जांजगीर-चांपा को जोड़ दें तो यह संख्या छह हजार और पूरे प्रदेश में 35 हजार ही पहुंच सकी है।

धान की फर्जी खरीदी रोकने के लिए शासन द्वारा किए गए उपाय जमीनी स्तर पर फेल हो रहे हैं। किसान या बिचौलिए फर्जी खरीदी करने पाएं, इसलिए इस बार रजिस्ट्रेशन के नियम कड़े कर दिए गए हैं। यानी, बगैर पटवारी के सत्यापन के धान बिक्री के लिए किसी भी किसान का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। वहीं हर किसान को अपने मतदाता परिचय-पत्र की फोटोकापी, टिकट साइज फोटो, ऋण पुस्तिका की फोटोकापी और यदि रेगहा या अधिया में खेती की जा रही है तो उसका शपथ-पत्र सोसायटियों में देना है। फाॅर्म भरने के बाद उसका वेरीफिकेशन कृषि विस्तार अधिकारी, समिति सेवक और पटवारी करेंगे। एक से 30 सितंबर के बीच रजिस्ट्रेशन की तारीख तय की गई है। 15 दिन गुजर चुके हैं और प्रदेश के 18 लाख से भी ज्यादा किसानों में महज 35 हजार किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें किसानों के रुचि नहीं लेने की प्रमुख वजह पटवारियों कृषि विस्तार अधिकारियों का सोसायटी नहीं आना है। पटवारी किसान द्वारा दी जा रही जानकारी को सत्यापित करने में हिचक रहे हैं। उन्हें लगता है कि यदि उसने वेरीफाई कर दिया और गलत रकबा कम्प्यूटर पर चढ़ाकर धान की फर्जी खरीदी-बिक्री कर ली गई तो उसके खिलाफ थाने में एफआईआर हो जाएगी। उसका डरना स्वाभाविक है, लेकिन इससे बचने के लिए उसे खुद ही अपने सामने किसानों का रकबा कम्प्यूटर पर दर्ज करवाना होगा जो व्यवहारिक रूप से मुश्किल है। हर एंट्री में 20 मिनट से लेकर आधे घंटे का समय लगता है। चूंकि गिरदावरी कृषि विस्तार अधिकारी के पास होती है और यदि वह नहीं आया तो एंट्री मुश्किल है। इन सबके बीच किसान परेशान हो रहे हैं।

मुझे जानकारी नहीं

जिलेमें सिर्फ 128 किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है, यह मुझे पता नहीं है। मैं संबंधित अधिकारियों से चर्चा करुंगा। पंजीयन के लिए उपाय किया जाएगा।\\\'\\\' -जीएसपैकरा, फूडकंट्रोलर

इसलिए भी हो रही देर

किसानइन दिनों खेती-किसानी में व्यस्त हैं। वे रजिस्ट्रेशन के संबंध में अपने साथी किसानों से पता तो लगा रहे हैं, लेकिन वे सोसायटी जाने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। उन्हें परेशानी होने की बात भी पता चल गई है। ऐसे में वे खेती का काम निपटाने के ब