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दो संस्थानों में करोड़ों की अघोषित संपत्ति मिली

7 वर्ष पहले
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पेंड्रारोडके अनाज कारोबारियों के दो संस्थानों पर इनकम टैक्स के अधिकारियों को जांच में 1.40 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति मिली है। कारोबारी इसे तकनीकी चूक बता रहे हैं, जबकि अधिकारियों ने इसे टैक्स चोरी का मामला बताया है। एक दिन पहले ही नौ आयकर अफसरों की टीम ने दोनों संस्थानों में दबिश दी थी। यह जांच शाम से रात तक चली थी।

मंगलवार को पेंड्रारोड के अनाज कारोबारी फकीरचंद अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल और आशीष अग्रवाल के संस्थानों में एसएम मौलाना, अमित कुमार, केसी दास सहित इनकम टैक्स के नौ अफसरों की टीम ने दबिश दी थी। शाम से देर रात तक स्टॉक, कैश और बही-खातों की जांच की जाती रही। अधिकारियों को संस्थान में अघोषित संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। अधिकारियों को जांच की शुरुआत में ही लाखों रुपए की अघोषित संपत्ति होने की जानकारी मिली, लेकिन जांच खत्म होते-होते आंकड़ा 1.40 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यश इंडस्ट्री में 80 लाख रुपए तो यश माॅर्डन प्रोडक्ट में 60 लाख रुपए की अघोषित आय अधिकारियों को मिली। अधिकारियों ने इस संबंध में कारोबारियों से पूछताछ की तो पता चला कि सभी एक संयुक्त परिवार में रहते हैं और सभी की मिली-जुली संपत्ति है। इधर, कारोबारियों ने अधिकारियों को तकनीकी खामी बताते हुए आयकर विभाग के नियमों का पालन करने और नियमानुसार आयकर जमा करने की बात कही। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने स्टॉक कैश का हिसाब नहीं मिलने कर जमा नहीं करने का हवाला देते हुए इसे अघोषित संपत्ति माना। तब कारोबारियों ने जल्द ही कर जमा करने की सहमति दी। इधर, अधिकारियों ने इसे रूटीन सर्वे तो बताया लेकिन यह भी माना कि इन संस्थानों में अघोषित संपत्ति मिली है। जल्द ही कुछ और अनाज कारोबारियों के संस्थानों में इनकम टैक्स की जांच हो सकती है।

हम पूरा टैक्स देते हैं, ये तकनीकी खामी है

हमपूरा टैक्स देते हैं, लेकिन अगर इनकम टैक्स के अधिकारियों को लगता है कि नहीं देते तो वे इसमें सुधार कर सकते हैं। यह उनका अधिकार है। अधिकारियों ने 1.40 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति होने और इसका टैक्स पेड नहीं होने की बात कही है। ऐसा तकनीकी चूक की वजह से हुआ होगा। हम टैक्स देने को तैयार हैं। -गोपाल अग्रवाल, कारोबारी