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शिक्षाकर्मियों को पंचायत कर्मियों के समान मिल सकते हैं लाभ

7 वर्ष पहले
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शिक्षाकर्मियों(शिक्षक पंचायत) को जिला और जनपद पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के समान ग्रेच्युटी, पीएफ, महंगाई, यात्रा, चिकित्सा और आवास भत्ता, पेंशन समेत अन्य आर्थिक लाभ मिल सकते हैं। हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सचिव को तीन माह के भीतर शिक्षाकर्मियों की अर्जी का निराकरण के निर्देश दिए हैं। इससे पहले सचिव को जिला और जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों के विवाद पर फैसला लेने का आदेश दिया गया है।

चीफ जस्टिस यतींद्र सिंह और जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की डिवीजन बेंच ने शिक्षाकर्मियों की अर्जियों का तीन माह में निराकरण के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इससे पहले जिला और जनपद पंचायत के कर्मचारियों को मिलने वाले आर्थिक लाभ का विवाद सुलझाने के भी निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने अपील पर पक्ष रखते हुए बताया था कि जिला और जनपद पंचायतकर्मियों को सामान्य नियमों के तहत आर्थिक लाभ नहीं दिए जाते। संबंधित जिला और पंचायतों में लागू नियमों के तहत ही लाभ मिलते हैं। ऐसे में शिक्षाकर्मियों को अपील में मांगे गए आर्थिक लाभ नहीं दिए जा सकते। हाईकोर्ट ने माना है कि जिला और जनपद पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलने वाले आर्थिक लाभों को लेकर विवाद की स्थिति है। हाईकोर्ट ने पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सचिव को इस विवाद को पहले सुलझाने के लिए कहा है।

अब तक तीन नियम बना चुकी सरकार

शिक्षाकर्मियोंके लिए राज्य सरकार पिछले करीब एक दशक में तीन नियम बना चुकी है। सबसे पहले छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षाकर्मी (भर्ती और सेवा शर्ते) नियम 1997 लागू किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षाकर्मी नियम 2007 और इसके बाद छत्तीसगढ़ शिक्षक (पंचायत) संवर्ग (भर्ती और सेवा शर्ते) नियम 2012 लागू किया गया है।

प्रदेश के विभिन्न जिला और जनपद पंचायतों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों गायत्री निर्मलकर, पिंगला साहू, पिंकी श्रीवास्तव, संगीता बैस, सत्या दुबे ने अधिवक्ता ऋषि राहुल सोनी, चंद्रेश श्रीवास्तव, जितेंद्र गुप्ता के जरिए हाईकोर्ट में याचिकाएं लगाईं थी। इसमें कहा गया था कि छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षाकर्मी (भर्ती और सेवा शर्तें) नियम 1997 के नियम 11 का हवाला देते हुए जिला और जनपद पंचायत कर्मियों के समान आर्थिक अन्य लाभ देने की मांग की थी। सिंगल बेंच से याचिकाएं खारिज होने के