बिलासपुर और कोरबा स्लम फ्री सिटी बनेंगे
दिसंबर तक मिल जाएंगी 15 नई बसें
तीन बाजारों से निकला 15 ट्रक कचरा
बिलासपुरको स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पहल शुरू हो गई है। बिलासपुर और कोरबा को स्लम फ्री सिटी बनाने की योजना को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय (हूपा) ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए दोनों शहरों की 6200 करोड़ की योजना को एप्रूव किया। यहां राजीव आवास योजना (रे) के तहत पक्के मकान बनाए जाएंगे। केंद्र से बतौर अनुदान 75 फीसदी राशि मिलेगी। अकेले बिलासपुर से 131 स्लम बस्तियों का विस्थापन कर यहां के लोगों को नए मकानों में शिफ्ट किया जाएगा।
बिलासपुर को स्लम फ्री सिटी बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों से लगातार कवायद चल रही थी। केंद्र में सत्ता बदलने के बाद बिलासपुर कोरबा के प्रस्तावों को तवज्जो मिली और दिनभर की कवायद के बाद शुक्रवार को इन्हें हरी झंडी दे दी गई। नगर विधायक मंत्री अमर अग्रवाल ने पिछले साल घोषणा की थी। विभिन्न योजनाओं से 3400 आवास बन चुके हैं। राजीव आवास योजना केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें शहरों को झुग्गीमुक्त करने के लिए बंदोबस्त किया गया है। यह योजना 12 साल में पूरी की जानी है। बिलासपुर निगम के लिए सालभर में यह दूसरी उपलब्धि होगी। राजीव आवास योजना में शहर सीमा की 131 झुग्गी बस्तियों को विस्थापित किया जाएगा। शेषपेज|17
इससेपहले इसी योजना के अंतर्गत अशोक नगर में 35.67 करोड़ की लागत से 720 आवासों के निर्माण, मिट्टी टीला विष्णु नगर में 9.87 करोड़ की लागत से 216 तथा मिनी बस्ती (तालापारा) में 12.98 करोड़ की लागत से 456 मकानों के निर्माण के लिए पायलेट प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। निगम कमिश्नर रानू साहू के मुताबिक उक्त आवासों के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि निगम ने शहर सहित पास पड़ोस के गांवों की 134 झुग्गी बस्तियों का सर्वे करवाया था। इन बस्तियों में से 3 के लिए पायलट प्रोजेक्ट पर कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। दूसरे चरण में हूपा ने 131 झुग्गी बस्तियों की योजना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत 44 हजार आवासों का निर्माण कराया जाएगा।
पक्केमकान के साथ रोजगार के लिए ट्रेनिंग भी..
स्लमफ्री सिटी के लिए राजीव आवास योजना बनाई गई है। योजना के अंतर्गत शहरों को झुग्गी मुक्त करने के लिए पक्के मकान बनाने के लिए 5 लाख