पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सालभर में सौ महिलाओं की नसबंदी होती है फेल

सालभर में सौ महिलाओं की नसबंदी होती है फेल

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिम्स में एनआईसीयू की क्षमता कम, और जिला अस्पताल में स्टाफ नहीं है

नसबंदीकांड के बाद अब सिम्स की एनआईसीयू में 18 मासूमों की मौतों ने स्वास्थ्य महकमे को एक बार फिर कटघरे में ला खड़ा किया है। पैदाइश के बाद, खासकर प्री-मैच्योर डिलिवरी केस में बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है। इसके बाद भी सिम्स में जिले की जो इकलौती नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट है, वह आधे-अधूरे इंतजामों से जूझ रही है।

बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान अाज भी सुविधाओं के लिहाज से पिछड़ा हुआ है। यहां बच्चों के लिए जो एनआईसी यूनिट है, वह खस्ताहाल है। संसाधनों का भी टोटा है। एनआईसीयू पहली मंजिल पर पुरानी बिल्डिंग के शिशु वार्ड में है जबकि इसे नए भवन की दूसरी मंजिल पर गायनिक वार्ड के पास होनी चाहिए। इससे जरूरत पड़ने पर बच्चे को मां तक पहुंचाया जा सकता है। चूंकि यहां मेडिकल कॉलेज है, ऐसे में इस यूनिट को नए भवन में बड़ी जगह पर सर्वसुविधायुक्त होना था, लेकिन ऐसा नहीं है। उधर, जिला चिकित्सालय में अलग से रूम और वाॅर्मर समेत अन्य सब है लेकिन उसे देखने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ नहीं हैं। इसी के बहाने यह वर्षों से बंद पड़ी है, इसके लिए किसी ने पहल नहीं की। जिले में एकमात्र बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एनआईसी यूनिट है लेकिन वहां भी कोई डॉक्टर या स्टाफ इसके लिए नहीं है।

एनआईसीयूमें एक और बच्चे की मौत, 3 गंभीर

सिम्सकी एनआईसी यूनिट में बुधवार को एक और मासूम की मौत हो गई है। वहीं शाम को तीन और बच्चे गंभीर हालत में भर्ती करवाए गए हैं। हालात बिगड़ते देख प्रबंधन ने चार और नर्स की ड्यूटी यहां लगाई है। सिम्स के एनआईसी यूनिट में बच्चों की मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। बुधवार को हिर्री माइंस की सूरजा बाई के बच्चे की मौत हो गई। उसे 7 दिसंबर को यहां भर्ती करवाया गया था। पैदाइश के बाद से वह रोया नहीं था और ही ग्रोथ कर रहा था। उसे सांस लेने में भी परेशानी थी इसलिए सिम्स में इलाज के लिए लाया गया था। उसकी मौत हो गई है। शेषपेज|19

वहींशाम को तीन और बच्चे गंभीर हालत में सिम्स के एनआईसी यूनिट में लाए गए। इनमें से रतनपुर की शिवानी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इनमें से एक बच्चे की रतनपुर में ही मौत हो गई जबकि दूसरे को गंभीर हालत में सिम्स लाया गया है। इसके