- Hindi News
- कांग्रेस मेंस यूनियन आमने सामने, दोनों बना रहे रेल प्रबंधन पर दबाव
कांग्रेस-मेंस यूनियन आमने-सामने, दोनों बना रहे रेल प्रबंधन पर दबाव
दक्षिणपूर्व मध्य रेलवे मेंस यूनियन और मजदूर कांग्रेस यूनियन के बीच कार्यालय को लेकर विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, चुनाव हारने के बाद भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मेंस यूनियन के पदाधिकारियों ने कार्यालय खाली नहीं किया। इस पर रेल प्रबंधन ने उनके पदाधिकारियों को दोबारा नोटिस भेजा है। इधर, मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारी इस मसले को लेकर रेल प्रबंधन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
अप्रैल 2013 में एसईसीआर में मान्यता प्राप्त यूनियन के लिए चुनाव हुए। इसमें एसईसीआर मेंस यूनियन को मजदूर कांग्रेस से हारना पड़ा। इसके बाद से ही मजदूर कांग्रेस ने कार्यालय भवन खाली करवाने की कवायद शुरू कर दी थी। उसकी शिकायत पर रेल प्रबंधन ने जून में मेंस यूनियन के पदाधिकारियों को भवन छोड़ने नोटिस भेजा था। आॅल इंडिया रेल फेडरेशन ने आवेदन दिया तो रेल प्रबंधन ने मेंस यूनियन कार्यालय को यथावत रखने के निर्देश जारी कर दिए। 9 सितंबर काे रेल प्रबंधन ने मेंस यूनियन काे कार्यालय खाली करने के लिए दोबारा नोटिस भेजा है। इस पर ऑल इंडिया रेल फेडरेशन फिर से बचाव की मुद्रा में गया है। फेडरेशन ने मेंस यूनियन के पक्ष में रेलवे बोर्ड और जोन के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है। इधर, मजदूर कांग्रेस रेल प्रबंधन पर लगातार दबाव बना रहा है। बहरहाल, कार्यालय भवन को लेकर दोनों संगठन आमने-सामने हो गए हैं।
शहडोल में भी जमाया कब्जा: शहडोलरेलवे में भी चुनाव में पराजय मिलने के बाद भी मेंस यूनियन के पदाधिकारियों ने कार्यालय में कब्जा जमा रखा है। वहां भी भवन खाली करवाने मंडल रेल प्रबंधक ने दखल दिया, लेकिन भवन पर अब भी यूनियन का कब्जा है।
नैतिकता के नाते छोड़ देना चाहिए भवन
चुनावहारने के बाद नैतिकता के नाते मेंस यूनियन के पदाधिकारियों को कार्यालय भवन खाली कर देना चाहिए। रेल प्रबंधन ने इसके लिए यूनियन पदाधिकारियों को दो बार नोटिस भी जारी किया है। -विजय अग्निहोत्री, मंडलसमन्यवक, मजदूर कांग्रेस
पत्र के जवाब के बाद लेंगे फैसला
रेलप्रबंधन ने कार्यालय खाली करने 9 सितंबर काे नोटिस जारी किया। इस पर 29 सितंबर को केंद्रीय संगठन ने रेलवे बोर्ड और रेल महाप्रबंधक को पत्र लिखकर यूनियन को यथावत रखने का आग्रह किया। भवन खाली करने के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा। -जयप्रकाश, मंडलसमन्यवक, एसईसीआर मेंस यूनियन