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मरवाही क्षेत्र में नीम हकीमों का बोलबाला
मरवाहीक्षेत्र में इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति दयनीय है। ग्रामीणों को विवश होकर झोलाछाप नीम हकीमों से इलाज कराना पड़ रहा है। इसका फायदा उठाते हुए वे ग्रामीणों से इलाज के नाम मनमानी रकम वसूल रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं। इन क्षेत्रों की स्थिति इसके विपरीत है। ग्रामीणों को इलाज के लिए पेंड्रा या बिलासपुर जाना पड़ता है या फिर झोलाछाप नीम हकीमों की शरण में जाना पड़ता है, वे इसका फायदा उठा रहे हैं। बिना किसी डाॅक्टरी प्रशिक्षण के इलाज कर रहे हैं कुछ डाॅक्टरों को इंजेक्शन तक लगाना नहीं आता ऐसे में किस तरह इलाज किया जाता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ ऐसे झोलाछाप नीम हकीम हैं जो 10वीं पास तक नही हैं। ग्रामीणों ने बताया ये दवाई कम इंजेक्शन देने में ज्यादा रुचि लेते हैं। ये नहीं जानते कि गलत इंजेक्शन लगाने पर यह रिएक्शन भी तुरंत करता है ऐसे में मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है।
गौरतलब है कि बीते दिनों दानीकुंडी में झोलाछाप नीम हकीम के गलत इलाज से 2 माह के बच्चे के मौत हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार मरवाही, लोहारी, तेंदूमूड़ा, बरौर, परासी, चंगेरी, कुम्हारी, दानीकुंडी, पंडी, सिवनी, घिनौची, डड़िया, करहनी, मालाडाड़, धरहर, खुरपा, निमधा, लरकेनी, धनपुर, धोबहर, मड़वाही, चरचेड़ी, में झोलाछाप नीम हकीमों की भरमार है। यदि इन पर शीघ्र ही उचित कार्रवाई की गई किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अलर्ट कर दिया है
^मरवाही,पेंड्रा,गौरेला के दौरे के बाद सभी को अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक काम करने कहा गया है। डॉ.आरके भांगे, सीएमओबिलासपुर
छानबीन जारी है
^झोलाछापनीम हकीमों की छानबीन चल रही है। टीम गठित कर इन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। केकेध्रुव, बीएमओमरवाही