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हर महीने 50 फीसदी कंज्यूमर जमा नहीं करते बिजली बिल
शहरमें हर माह 50 फीसदी लोग समय पर बिजली बिल जमा नहीं करते हैं। कुछ की मंशा अगले महीने बिल जमा करने की होती है तो कुछ धीरे-धीरे इतने लापरवाह हो जाते हैं कि बकाया राशि का भुगतान करने पर कनेक्शन काटने की नौबत जाती है। बिलासपुर की तुलना में रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव के उपभोक्ता अधिक जागरूक हैं। वहां हर माह जारी होने वाले बिजली बिल का 90 फीसदी भुगतान समय पर हो जाता है।
शहर के 50 फीसदी उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने को लेकर गंभीर नहीं हैं। शहर के पूर्वी और पश्चिमी दाेनों डिवीजनों में उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख तक पहुंच गई है। यानी, इनमें से 50 हजार लोग समय पर बिल का भुगतान नहीं करते हैं। ऐसी स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर माह करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया रह जाता है। अधिकारी बताते हैं कि इसका कारण लोगों का जागरूक नहीं होना है। ज्यादातर उपभोक्ता अगले महीने बिल जमा करना चाहते हैं क्योंकि बिल जमा करने में देरी होने पर लगने वाला सरचार्ज कम होता है। उनकी यही लापरवाही धीरे-धीरे बड़ी होती जाती है और बकाया राशि एक समय बड़ा अमाउंट बन जाता है। तब उपभोक्ता इसे चुका पाने में असमर्थ हो जाता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है।
डिस्कनेक्शन अभियान चले तो बढ़ता जाएगा अमाउंट
विभागके पश्चिमी डिवीजन में ही 50 हजार उपभोक्ता हैं। इस डिवीजन में 14 करोड़ रुपए बकाया है। हर माह करीब आठ करोड़ रुपए का बिल जारी होता है। अधिकारी बताते हैं कि हर माह पूरी वसूली नहीं होती। जितना बकाया होता है वह बकाया राशि में जुड़ता है। डिस कनेक्शन अभियान के जरिए कुछ वसूली हो जाती है।
इनमाध्यमों से होता है बिल भुगतान
{बिजलीदफ्तरों में मैनुअल { एटीपी मशीन से { इंटरनेट से { एटीएम से
पांच घरों के बिजली कनेक्शन काटे
बिजलीविभाग का डिस्कनेक्शन अभियान सोमवार को भी चलाया गया। पूर्वी डिवीजन में अभियान के दौरान 40 बकायादारों से संपर्क किया गया। इन सभी पर पांच लाख बकाया थे। विभाग के अधिकारियों ने 30 बकायादारों से 3.75 लाख वसूले। ऐसे बकायादार जिन्होंने बकाया राशि जमा नहीं की, उनके घरों का बिजली कनेक्शन काट दिए गए। इनमें पांच लोगों से 1.9 लाख रुपए वसूले जाने थे।
ट्रांजेक्शन बढ़ा तो एटीपी मशीन बढ़ाएंगे
लोगयदि समय पर बिजली बिल का भुगतान करने लग जाएं तो विभाग का काम आधा