- Hindi News
- 17 करोड़ रुपए की बिल्डिंग की छत टपकने लगी, फाॅल सीलिंग में पड़े धब्बे
17 करोड़ रुपए की बिल्डिंग की छत टपकने लगी, फाॅल सीलिंग में पड़े धब्बे
विधानसभाचुनाव से ठीक पहले सितंबर 2013 में कंपोजिट बिल्डिंग का उद्घाटन आनन-फानन में करवा दिया गया। जिस दिन उद्घाटन हुआ, उसके एक दिन पहले तक बिल्डिंग में निर्माण और फिनिशिंग का काम चल रहा था। उद्घाटन के बाद भी कई काम करवाए गए। अब भवन की खामियां सामने आने लगी हैं।
14 महीने में बनकर तैयार हुई बिल्डिंग पर शासन ने 17 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यह बिल्डिंग उन विभागों के लिए तैयार करवाई गई, जिनके दफ्तर किराए के भवनों में लग रहे थे। बिल्डिंग आबाद हो चुकी है, लेकिन करोड़ों रुपए की बिल्डिंग में समस्याएं भी तरह-तरह की हैं। कभी लिफ्ट के वेल में पानी भर जा रहा है तो किसी कार्यालय की छत पहली ही बारिश में टपकने लगी है। सीपेज भी ऐसी कि मानों छत छप्पर वाली हो। छत से दो फीट नीचे फाॅल सीलिंग लगी है, इसलिए नजारा साफ नहीं है लेकिन फाॅल सीलिंग का परदा अपने अाप रंग बदलने लगा। सीलिंग फैन जलने लगे। फैन से पानी टपकने लगा तो अधिकारी-कर्मचारियों को माजरा समझ में आया। तीसरे माले के कार्यालयों में बैठने वाले अधिकारी-कर्मचारी जानते हैं कि ऊपर छत की ढलाई सही तरीके से नहीं की गई है, ही ढाल ढंग से बनाया गया है। टंकियों के ओवरफ्लो का पानी पूरे समय छत पर भरा रहता है। इसमें जमी काई को देखकर दलदल का एहसास होता है। बारिश में यह शिकायत और बढ़ जाती है। छत का पानी ड्रेनेज पाइप में जाकर छत पर ही भर रहा है।
दफ्तरों के पंखे जले
कंपोजिट बिल्डिंग के तीसरे माले में खादी ग्रामोद्योग, सहायक संचालक रेशम, नागरिक आपूर्ति निगम और कार्यपालन अभियंता मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग का दफ्तर है। रेशम और खादी ग्रामोद्योग विभाग के छह पंखे पानी की वजह से जल गए। छत की सीपेज का पानी इन पंखों में आने लगा था। इन कार्यालयों की छतों पर सीपेज से काले धब्बे भी पड़ गए हैं। नागरिक आपूर्ति निगम वाले हिस्से में दीवार क्रेक हो गई है और फाॅल सीलिंग एक जगह पर टूट गई है। इसी तरह सीएमजीएसवाई के ईई दफ्तर की छत पर पानी रहा है। फाॅल सीलिंग पर जगह-जगह धब्बे दिख रहे हैं।
इस कार्यालय की भी एक दीवार क्रेक हो गई है।
ट्रांसफाॅर्मर का ग्रिप, चौकीदार की कुर्सी ले गए चोर
कलेक्टोरेटपरिसर में एक साल पहले बनकर तैयार हुई नई कंपोजिट बिल्डिंग का हाल बेहाल है। नए भवन में बिजली की सप्लाई के लिए पुराने गेट के पास ट्रांसफाॅर्मर लगवाया गया है। इस ट