यह सब होगा खास...
थ्रीडी में नजर आएंगी दुर्गा, वृद्धाश्रम की झांकी भी सजाई जाएगी पंडाल में
10दिनों बाद शुरू होने जा रहे नवरात्र पर्व की तैयारी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जोर-शोर से चल रही है। हर तीज-त्योहार के साथ ही दुर्गोत्सव को भी अंचल में अनूठी भव्यता मिली है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर में 150 समितियां सार्वजनिक रूप से दुर्गोत्सव मनाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस त्योहार की धूम रहेगी।
इमलीपारा, कुम्हारपारा में मूर्तियां बनाई जा रही हैं। इसके अलावा बंगाल के मूर्तिकार भी शहर पहुंचे हैं। वे मां दुर्गा की मूर्तियों को जीवंत रूप देने में जुटे हैं। सिंहवाहिनी दुर्गोत्सव समिति 22 फीट लंबे एक्वेरियम में मां दुर्गा, गणेश, कार्तिकेय, लक्ष्मी और सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करेगी। वहीं मध्यनगरीय दुर्गोत्सव समिति की दुर्गा प्रतिमा थ्रीडी में दिखेगी। भूत बंगला की झांकी, राधा-कृष्ण का दरबार, शंकर पार्वती की मूर्ति यहां खास होगी।
टॉयबाइक चला रहे बाल गणेश : कतियापाराउदई चौक पर चट्टान पर बैठी माता की प्रतिमा स्थापित होगी। वे शेर के शावक को दुलार रही हैं। यहां बाल गणेश, बाल कार्तिकेय बच्चों की टॉय बाइक चलाते नजर आएंगे, जबकि माता लक्ष्मी उनकी गाड़ी को धक्का दे रही होंगी। सभी मनमोहक झांकियां नवरात्रि में श्रद्धालुओं के लिए रोचक रहेंगी।
रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉलोनी यहांसमिति वृद्धाश्रम की जीवंत झांकी सजा रही है।
रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉलोनी के दुर्गा पंडाल में तैयार किया जा रहा वृद्धाश्रम।
सिंहवाहिनी दुर्गोत्सव समिति
मध्यनगरीय दुर्गोत्सव समिति
बालाजी के रूप में विराजेंगी माता
मसानगंजमें बालाजी के रूप वाली दुर्गा प्रतिमा, गोंड़पारा में साउथ इंडियन पैटर्न, जूनीलाइन में शंकरजी के रौद्र रूप में, जबड़ापारा में चिराग से निकलते जिन्न को मारती मां दुर्गा और नारियल कोठी दयालबंद में शेर के रथ में सवार दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मूर्तिकार अमित सूत्रधर पुराना बस स्टैंड में पश्चिम बंगाल की छऊ नृत्य पैटर्न पर मूर्ति बना रहे हंै। इसकी कीमत 60 हजार रुपए है। वही तोरवा में दुर्गा के तीन रूपों की मूर्ति स्थापित की जाएगी, जो ओरिएंट पैटर्न पर है। इसकी कीमत 50 हजार रुपए है। मसानगंज में अष्टमुखी दुर्गोत्सव समिति गुजराती पैटर्न पर डांस शैली में मूर्ति बना रहे हंै। सरकंडा में आग