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अर्बन बैंक देता है लोन, ताकि सूदखाेरों से बचें

6 वर्ष पहले
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बिलासपुरसमेत देशभर में 11 जगह रेलकर्मियों के लिए अर्बन बैंक है। अब आप कहेंगे, इसमें नई बात क्या हो गई। तो हम आपको बता दें कि 100 साल से ज्यादा पुराने बैंक की शाखा बिलासपुर में वर्ष 1996 में खुली। यह रेलवे के कर्मचारियों को आड़े वक्त या फिर बच्चों की पढ़ाई और शादी-ब्याह के समय कर्ज देकर सूदखोरों के चंगुल से बचाती है। अर्बन बैंक से बिना झंझट छोटी-मोटी प्रक्रिया कर काेई भी कर्मचारी अपनी जरूरत के लिए लोन ले सकता है। हालांकि, इसके बाद भी बैंक से लोन मिलने का प्रचार-प्रसार नहीं होने से कर्मचारी सूदखोरों के झांसे में रहे हैं।

रेल कर्मचारी के आवेदन के साथ विभागीय अधिकारी के लोन देने संबंधी सहमति-पत्र समेत कुछ अन्य दस्तावेज लगाने होते हैं। 10 फीसदी ब्याज दर पर मुहैया करवाया जाता है। बैंक प्रबंधन की बस एक ही शर्त है कि जुए-सट्टे में हारे पैसे पटाने, सूदखोर को ब्याज देने और कोर्ट-कचहरी में चल रहे मामलों के लिए लोन नहीं मिलेगा। वैसे भी आवेदन आने पर छानबीन के बाद ही शाखा प्रबंधक हरी झंडी देते हैं। उन्होंने एक उदाहरण बताया कि एक रेलकर्मी ने बेटी की शादी के नाम पर लोन के लिए आवेदन किया। जांच के दैारान पता चला कि बेटी नाबालिग है, ऐसे में लोन नहीं दिया गया।

रेलवे अधिकारी इस बैंक से लोन लेने का देते हैं हवाला

कर्मचारीयूनियन अौर आलाधिकारियों द्वारा सूदखोरों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में अर्बन बैंक के स्टाफ को भी जोड़ा गया है। बैंककर्मियों को जिम्मा दिया गया है कि जिन कर्मचारियों को जरूरत है, उन्हें आसान प्रक्रिया से लोन मुहैया करवाने में मदद करें।

सबसे पहले कोलकाता में खोला गया था बैंक

काबिलेगौरहै कि अर्बन बैंक की स्थापना 1909 में कोलकाता निवासी तत्कालीन रेलकर्मी भगवती प्रसाद घोष ने की थी। देशभर में फैली 11 शाखाओं में प्रदेश के रायपुर और बिलासपुर की ब्रांच भी हैं। मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव सोसाइटी एक्ट 2002 के तहत रजिस्टर्ड इस बैंक के चेयरमैन को अप्वाॅइंट करने का अधिकार रेलवे जीएम के पास होता है। बिलासपुर में अर्बन बैंक की शाखा 7 सितंबर 1996 में तितली चौक के पास खोली गई। वर्तमान में इस बैंक मेें 33 कर्मचारी कार्यरत हैं, रेलकर्मियों को लोन लेते समय आने वाली परेशानियों को दूर करते हैं।

नौकरी में सेवा अवधि के हिसाब दिया जाता है लोन

^एकसे पांच साल की सर्विस वाले कर्मचारियों को 1 लाख से 1 लाख 25 हजार, पांच से दस साल वालों को 1 लाख 30 हजार से 1 लाख 40 हजार, दस से पंद्रह साल वालों को डेढ़ लाख से 1 लाख 70 हजार, पंद्रह से बीस वालों को 1 लाख 60 हजार से 1 लाख 80 हजार, बीस से पच्चीस साल वालों को 1 लाख 70 हजार से 1 लाख 90 हजार, पच्चीस से ऊपर वाले कर्मचारियों को 2 लाख से 2 लाख 30 हजार रुपए तक का लोन देने का प्रावधान है। -तीर्थो गांगुली, प्रबंधक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, बिलासपुर