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रेलवे आॅर्गेनिक कचरे से बनाएगा लुगदी, लॉन्ड्री में इस्तेमाल होगा
रेलवेपहली बार ऑर्गेनिक कचरे से ईंधन बनाने जा रहा है। भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने भर की देर है। महकमा इसके लिए रेलवे कार्यालयों, कॉलोनियों, स्टेशन परिसर प्लेटफॉर्म और ट्रेनों से निकलने वाले ऑर्गेनिक कचरे काे इकट्ठा करवाएगा। इससे लुगदी बनाई जाएगी। इसका इस्तेमाल रेलवे लॉन्ड्री में ईंधन के रूप में होगा। वहां पानी गर्म कर भाप यानी स्टीम पैदा कर उससे बेडरोल, कंबल, तकिया खोल और तौलिया आदि धोए जाएंगे। अगले चरण में प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल करने की भी योजना है।
खास बात यह है कि बिलासपुर जोन के रेलवे अधिकारियों ने इस दिशा में पहल की है। इसके पीछे कहीं कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान का भी असर है। जोन के चार अफसर इस योजना को साकार करने में जुटे हैं। प्रस्ताव तैयार करने वालों में प्रमुख रूप से सीनियर डीसीएम रवीश कुमार सिंह और डीएमएम नवीन कुमार सिंह शामिल हैं। दोनों डीआरएम से चर्चा कर चुके है, जहां से मौखिक मंजूरी मिल चुकी है। डीआरएम ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि इससे रेलवे परिसर की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। ईंधन के लिए अभी तक जितना भी खर्च होता था, उसमें भी कमी आएगी।
रेलवे कॉलोनियों में पेड़-पौधे ज्यादा हैं। इसके समेत स्टेशन परिसर और ट्रेनों से रोजाना दो क्विंटल कचरा निकलता है। रिसाइकलिंग की योजना है।
1 दिन में दो क्विटंल तक निकलता है कचरा
ट्रेनोंकी पेंट्रीकार, रेलवे स्टेशन, कार्यालय और काॅलोनियों को मिलाकर करीब दो क्विटंल आॅर्गेनिक कचरा निकलता है। अभी तक इसे या तो जला दिया जाता है या फिंकवा दिया जाता है।
^आॅर्गेनिक कचरे की रिसाइकलिंग कर लुगदी बनाने का प्रस्ताव मंजूरी को डीआरएम के पास भेजा है। मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण में ऑर्गेनिक कचरे की रिसाइकलिंग की जाएगी। वहीं, इसके बाद प्लास्टिक कचरे की रिसाइकलिंग पर विचार किया जा रहा है।\\\'\\\' -रवीशकुमार सिंह, सीनियर डीसीएम, बिलासपुर जोन
प्लास्टिक कचरा की रिसाइकलिंग
सफाईकर्मियों काे अलग करना होगा कचरा
इसबार सफाई टेंडर के लिए साफतौर पर निर्देश हैं कि जिस कंपनी को ठेका मिलेगा, उसे पाॅलिथीन, कांच और आॅर्गेनिक कचरे काे अलग-अलग करना पड़ेगा। रेलवे सफाईकर्मी काॅलोनियों और कार्यालयों से निकलने वाले कचरे काे इसी प्रकार अलग कर इकट्ठा करेंगे। अभी तक आॅर्गेनिक कचरे को सफाईकर्मी जला दिया करते थे।
स्टेशन के पास लगाया जाएगा प्लांट
रेलवेअधिकारियों के अनुसार रिसाइकिलिंग प्लांट रेलवे स्टेशन के पास लगाया जाएगा। इसके निर्माण पर महज एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा। आॅर्गेनिक कचरे को रिसाइकल करने वाली मशीन की कीमत 10 लाख रुपए है। इससे एक दिन में 100 किग्रा आॅर्गेनिक कचरा रिसाइकल कर लुगदी बनाया जा सकता है। शुरुआत में केवल एक मशीन लगाई जा रही है।