अधिक अंशदान ले रहे, जांच के आदेश दिए
शुष्कशौचालय की जगह जलवाहित शौचालय बनाने की आईएलसीएस योजना में लेटलतीफी के बाद अब भ्रष्टाचार की शिकायतें आने लगी हैं। यह मामला निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे महेश चंद्रिकापुरे के वाहन चालक का है। चंद्रिकापुरे के मुताबिक, एनजीओ द्वारा पुराने शौचालय को रंग रोगन कर नया स्वरूप दे दिया जा रहा है। हितग्राही अंशदान 1200 रुपए के बजाय 5-5 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। मेयर ने इस शिकायत की जांच के आदेश दिए हैं।
आईएलसीएस योजना से शहर में 3600 शौचालय बनाने हैं। प्रभारी ईई पीके पंचायती के मुताबिक 10 एनजीओ को 3-3 सौ शौचालय निर्माण के लिए 36-36 लाख रुपए का वर्क आॅर्डर जारी किया गया है।
जरहाभाठा के नागरिक आज कमिश्नर से करेंगे शिकायत
8गुरु घासीदास नगर मिनी बस्ती निवासी वाहन चालक सुनील सिंह की प|ी चिंता देवी से उनके घर जलवाहित शौचालय के निर्माण के लिए अमृत टंडन ने 5 हजार रुपए वसूले। टंडन जन सुलभ कल्याण समिति के अंतर्गत काम करता है। चंद्रिकापुरे ने बताया कि वार्ड के 40-50 लोगों ने आईएलसीएस योजना में अनियमितता तथा अवैध वसूली की शिकायतें की हैं। नियमानुसार प्रत्येक हितग्राही से 1200 रुपए का अंशदान लेना है। शेष राशि केंद्र तथा राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि पुराने शौचालय को रंग रोगन कर नए शौचालय के निर्माण की राशि हड़पने तथा अवैध वसूली की शिकायत शनिवार को जरहाभाठा के लोग नगर निगम कमिश्नर से मिलकर करेंगे।
एक निर्माण पर 1200 से अधिक अंशदान दें
मेयरकिशोर राय ने कहा है कि आईएलसीएस योजना के अंतर्गत अधिक वसूली की शिकायत के मामले की जांच कराई जाएगी। कार्यपालन अभियंता पीके पंचायती ने शौचालय निर्माण के लिए हितग्राहियों को 1200 रुपए से अधिक राशि का भुगतान नहीं करने कहा है। उन्होंने कहा कि अधिक वसूली की शिकायत की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।