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प्रशासन ने शुरू करवाई विवादित जमीन की नाप-जोख
राज्यसरकार के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने लिंगियाडीह और मोपका के विवादित जमीनों की नाप-जोख शुरू करवा दी है। चार साल पहले यहां जमीन की खरीदी, बिक्री पर कलेक्टर ने पाबंदी लगवा दी थी। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने हाईकोर्ट में मामला लगाया, लेकिन राहत नहीं मिली।
इन क्षेत्रों पर सरकारी और निजी जमीनों को लेकर प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच संशय की स्थिति बनी है। लिंगियाडीह में खसरा नबंर 15, 54 अन्य तो मोपका में 293/1 की तकरीबन दो सौ एकड़ जमीन के रिकाॅर्ड से यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है कि कौन सी जमीन शासकीय है और कौन सी निजी। सालों से इस उलझन के फेर में जमीनों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दी गई। इसके कारण जरूरतमंद भी अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे थे।
पुराने अफसरों ने दे दिया था पट्टा
शहरसे लगे होने के कारण भू माफिया और बाहरी लोगों ने यहां की सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया। राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर उन्होंने पट्टा और सरकारी जमीनों पर भी अपना नाम दर्ज करवा लिया। हैरान करने वाली बात यह कि कुछ अफसरों ने बिना अधिकार लोगों को पट्टा भी बांट दिया। इसके चलते एक जमीन दो से तीन लोगों के नाम दर्ज हो गई। प्रशासन ने इन्हीं उलझनों काे दूर करने के लिए टीम का गठन किया है।