बिलासपुर। मस्तूरी के पास खैरा में भाजपा नेता के क्रशर खदान में ऊंचाई से पत्थर गिरने से एक मजदूर की माैत हो गई। मामले को दबाने के लिए खदान मालिक पुलिस के बीच सांठगांठ हुई और शव को चुपचाप उसके गृहग्राम उत्तरप्रदेश भेज दिया गया। मस्तूरी क्षेत्र में खैरा जयराम नगर में क्षेत्र के एक भाजपा नेता मंत्री के करीबी का क्रशर खदान है। सुबह खदान के ऊपरी भाग पर एक्सीवेटर से पत्थरों को उखाड़ने का काम चल रहा था।
नीचे गड्ढे में कुछ मजदूर काम पर जुटे थे। करीब 10 बजे एक बड़ा पत्थर एक्सीवेटर की पकड़ से छूट गया और यह नीचे काम पर जुटे मजदूर 35 वर्षीय दीनानाथ बीन के पैर पर गिरा। हादसे में दीनानाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। वह मौके पर ही तड़पता रहा। उसे अस्पताल भी नहीं भेजा गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
मजदूरउत्तरप्रदेश के थाना देवरगांव क्षेत्र के ग्राम खोरेगांव का रहने वाला था। उसके शव को उसी हालत में उत्तरप्रदेश के गृहग्राम भेज दिया गया। खदान के मुंशी मध्यप्रदेश के अनूपपुर निवासी गौरव पिता राजीव लोचन के अनुसार मृतक का साला बलिराम उसके शव को लेकर गया है।
अंतिम संस्कार के साथ ही नष्ट हो जाएगा सबूत
पुलिस को अपराध होने की जानकारी हुई, इसके बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। शव का अंतिम संस्कार से रोकने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया गया। पुलिस जांच शुरू करेगी, तब तक सबूत ही नष्ट हो जाएगा। ऐसे में मामले में पुलिस की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पोस्टमाॅर्टम करवाया, थाने में लिखा-पढ़ी
मस्तूरी पुलिस ने लिखा-पढ़ी की और ही पोस्टमाॅर्टम की जरूरत समझी। घटना की खबर आस-पास के गांवों में फैल चुकी थी, लेकिन पुलिस बार-बार यही कहती रही कि अभी तक उसे सूचना देने के लिए कोई नहीं आया है। देर रात एक बड़े अफसर की फटकार पड़ी तो थाने से एक हैड काॅन्स्टेबल मौके पर पहुंचा।
जानकारी नहीं दी: प्रभारी
मस्तूरी थाना इंचार्ज टीआर जोशी शाम तक ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार करते रहे। रात को बयान बदला। कहा कि उन्हें एएसपी ग्रामीण जेआर ठाकुर ने फोन पर सूचना दी। मौके पर कुछ पुलिस जवानों को भेजा था। मुंशी ने नहाते समय मौत की जानकारी दी। जोशी का कहना है कि शव को थाने में सूचना दिए बिना ही उत्तरप्रदेश भेज दिया गया।