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पुल की खोखली बुनियाद को नई तकनीक से दी जाएगी मजबूती
कंपनी से वर्क प्लान मांगा गया है
^कंस्ट्रक्शनकंपनी के संचालक से एग्रीमेंट पेपर साइन कर वर्क प्लान मांगा गया है। एसडीआे को निर्देश दिए गए हैं, वे ध्यान रखें कि उसी के अनुसार काम हो रहा है या नहीं।’’ -वाईके सोनकर, ईई, सेतु निगम
सेतु निगम के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर वाईके सोनकर ने सुंदरानी कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक को स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि पाइलिंग का काम शुरू होने के बाद विभाग के एक सब इंजीनियर को साथ रखें। जैसे ही नीचे पत्थर आए, उसकी सूचना दें। अफसर मौके पर पहुंचकर मुआयना करेंगे। राॅक की टेस्टिंग के बाद उसमें कितनी गहराई की जानी है, वह ड्राइंग के अनुसार ही करें। अफसरों की मौजूदगी के बिना कोई भी काम करने की हिदायत दी गई है।
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लोहे के टाॅवर खड़े होने के बाद करेंगे पाइलिंग
तुरकाडीहपुल का सुपर स्ट्रक्चर तो अच्छा है। पियर के ऊपर की स्लैब की स्थिति भी सही है। पाइलिंग के दौरान पिलर पर कोई असर पड़े, इसलिए टाॅवर से उसे आधार दिया जा रहा है। टाॅवर लगने के बाद साइट पर काम करने वाले मजदूर भी खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। दरअसल, आठ महीने पहले जब पुल पर मरम्मत शुरू की गई थी, तब पाइल की हालत देखने के बाद मजदूरों ने इस स्थिति में पुल के आस-पास काम करने से इनकार कर काम बंद कर दिया था। किसी तरह से काम शुरू करवाया गया, लेकिन मजदूर डर से नहीं उबर पाए थे। उस समय पिलर और स्लैब को कोई सपोर्ट नहीं दिया गया था।
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हरेक पिलर पर बनाए जाएंगे चार नए पाइल
सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर
भ्रष्टाचारकी मार से कमजोर हुए तुरकाडीह पुल की खोखली बुनियाद को मजबूती देने का काम तेजी से शुरू हो गया है। नदी में पिलरों के पास से पानी की धार की दिशा बदलने के लिए सभी पिलरों के बीच रेत और मिट्टी फिलिंग करवाई गई है। पांच पिलर तक मिट्टी पाटी जा चुकी है। इसमें पानी की नमी खत्म होते ही काॅन्क्रीट पैड बनवाए जा रहे हैं, जिस पर स्लैब को सपोर्ट देने वाले लोहे के टाॅवर खड़े किए जाएंगे। टाॅवर के खड़े होते ही पाइलिंग शुरू करवाई जाएगी। सबसे पहले पिलर नंबर 5, 6 7 की मरम्मत की जाएगी। हरेक पिलर के करीब चिप्पड़ लेयर डालकर नए पिलर कैप बनाए जाएंगे। आने वाले दिनों में इन्हीं के दम पर पुल टिका होगा।
तुरकाडीह पुल पर मरम्मत से जुड़ा काम रफ्तार पकड़ता जा रहा है। रेत और मिट्टी फिलिंग करने के बाद कॉन्क्रीट के पैड बनाए जा रहे हैं। नदी में पानी है और रेत-मिट्टी से पार बांधकर पानी के बहाव की दिशा बदली गई है, इसलिए फिलिंग वाले स्थान की रेत ओर मिट्टी गीली हो सकती है। कॉन्क्रीट पैड पर वह टाॅवर लगेगा, जिस पर तुरकाडीह पुल के पिलरों पर रखी स्लैब टिकेगी। सुंदरानी कंस्ट्रक्शन कंपनी के साइट इंजीनियर ने बताया कि पिलर नंबर 5 और 6 के लिए टाॅवर एक हफ्ते में लग जाएंगे। रेत पाटने के बाद ऊपरी सतह पर मिट्टी की लेयर डाल दी गई है। पुल के अप स्टीम पर पानी कम जमा हो, ऐसे प्रयास किए गए हैं। अभी पानी का पूरा बहाव पिलर नंबर 6 के बाद के पिलर पर होगा।
कमजोर पिलरों पर टिकी पुल के स्लैब को इस तरह कॉन्क्रीट पैड और लोहे के टॉवर लगाकर लिफ्ट कर रहे
नया एग्रीमेंट होगा, काम बारिश से पहले पूरा करें
कंपनीने शासन को शपथ-पत्र देकर मरम्मत का पूरा खर्च वहन करने की बात कही थी। कंपनी ने साइट पर काम शुरू करवा दिया है। इधर शासन ने कंपनी के साथ काम से संबंधित नया एग्रीमेंट करने की तैयारी कर ली है। ब्रिज के चीफ इंजीनियर कार्यालय ने नया एग्रीमेंट तैयार करवाया है, जिसमें यह स्पष्ट है कि कंपनी को पुल पर क्या-क्या काम कितने दिनों में पूरा करना है। एग्रीमेंट की फाइल शासन के पास मंजूरी के लिए भेजी है। इस पर कंपनी के संचालक के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। कंपनी के संचालक पिछले दिनों ईई से मिलने पहुंचे थे। ईई नेे उनसे कहा कि बारिश से पहले काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
आरसीसी स्ट्रैंथ
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