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शहर में दिनभर छाए रहे बादल, जंगल में हुई झमाझम बारिश
पश्चिमीविक्षोभ के असर से जंगल के साथ ही मैदानी इलाकों का मौसम भी पूरी तरह बदल चुका है। जंगल के इलाके में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बादल तो छाए ही है, ठंडी हवा भी चल रही है। बेलगहना कोटा के साथ ही पेंड्रा के इलाके में बुधवार को फिर से बारिश हुई।
पांच दिन पहले तक मौसम ऐसा था जैसे, गर्मी कभी भी शुरू हो जाएगी। दोपहर में धूप की तेजी महसूस भी होने लगी थी। लेकिन दिल्ली से लेकर पाकिस्तान तक ऊपरी हवा में बने पश्चिमी विक्षोभ के असर से छत्तीसगढ़ का मौसम पूरी तरह बदल गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा के साथ नमी बहकर आने लगी और इससे बादल बनने लगे। बादलों ने पूरे आसमान को ही कब्जे में कर लिया। बीच-बीच में जरूर धूप खिली लेकिन अधिकांश समय बादल ही दिखाई दिए। बादलों के साथ ही ठंडी हवा भी चली जिससे सुबह रात का तापमान पहले के मुकाबले तीन से चार डिग्री तक नीचे चला गया। बुधवार को भी शहर सहित पूरे जिले में आसमान में बादल छाए रहे। शहर में सुबह ठंड का अहसास हुआ और स्वेटर पहनने की नौबत गई। सुबह 11 बजे हल्की धूप खिली लेकिन इसके बाद बादलों की मौजूदगी की वजह से सूरज की लुका-छिपी चलती रही। मैदानी इलाके में भी बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बूंदाबादी हुई लेकिन जंगल के इलाके में तो बादल बरस पड़े। दोपहर डेढ़ बजे अचानक कोटा से लेकर बेलगहना तक आसमान पर मौजूद बादल और घने हो गए और करीब एक घंटे तक कभी तेज तो कभी मध्यम बारिश हुई। झमाझम बारिश से ग्रामीण इलाकों में कीचड़ फैल गया और किसान फसल को लेकर चिंतित हो गए। दो दिन पहले पेंड्रा अंबिकापुर के इलाके में अच्छी बारिश हुई थी। जंगल के इलाके में वैसे भी तापमान कम रहता है। बारिश के असर से मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया। पेंड्रा में चार दिन पहले तक अधिकतम तापमान 28 डिग्री के करीब था जो घटकर 23 डिग्री पर पहुंच गया है।
पतझड़ का यह दृश्य है बुधवार दोपहर का। शाम को मौसम ने तेवर बदले और बारिश होने लगी।
कमजोर पड़ने लगा विक्षोभ
^पिछलेचार दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल और बारिश के हालात बन रहे हैं लेकिन अब यह कमजोर पड़ने लगा है। अगले 24 घंटे में इसके और कमजोर पड़ने और समाप्त होने की संभावना है। -उमेशरायक्वापर्ण, मौसम विज्ञानी, बिलासपुर