बिलासपुर। अब उड़नदस्ता सभी परीक्षार्थियों को खड़ा कर चेक नहीं कर सकेगा। बोर्ड का मानना है कि इससे परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थी प्रभावित होते हैं। इसके बजाय अब 15 मिनट पहले पर्यवेक्षक पूरी तरह चेक करने के बाद ही परीक्षार्थियो को परीक्षा केंद्र में प्रवेश देंगे। इसके बाद भी अगर किसी परीक्षार्थी की गतिविधि संदिग्ध लगती है तो उसे पर्यवेक्षक चेक कर सकते हैं।
माशिमं के अध्यक्ष केडीपी राव ने हर परीक्षा केंद्र में फर्स्ट एड बॉक्स रखने के भी निर्देश दिए हैं।
जिले के 134 परीक्षा केंद्रों में 10वीं 12वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों बोर्ड के अध्यक्ष केडीपी राव ने मीटिंग लेकर परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कहीं नकल होती है, तो साफ है कि हम ईमानदार नहीं हैं। इस बार अगर किसी स्कूल में सामूहिक नकल सामने आती है तो सीधे तौर पर केंद्राध्यक्ष पर्यवेक्षक जिम्मेदार होंगे। उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा शुरू होने के तीन-चार दिन पहले केंद्रों का निरीक्षण करें। वहां कोई कमी पाई जाती है तो दूर करें। बिजली, पानी और टॉयलेट की व्यवस्था प्राथमिकता से करने के लिए कहा गया है।
परीक्षा केंद्रों में रखे जाएंगे फर्स्ट एड बॉक्स
बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार सभी परीक्षा केंद्रों में फर्स्ट एड बॉक्स रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बुखार के पैरासिटामॉल, डिहाइड्रेशन के लिए ओआरएस घोल, चोट लगने पर तात्कालिक राहत के लिए टिंचर आयोडीन, कॉटन आदि रखने के लिए कहा गया है। फर्स्ट एड बॉक्स रहने पर आपात स्थिति में परीक्षार्थी को तत्काल राहत मिल जाएगी।
जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा परीक्षार्थियों को
जिले के किसी भी स्कूल में बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थी जमीन पर नहीं बैठेंगे। सभी केंद्रों में फर्नीचर की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। अगर किसी केंद्र में फर्नीचर नहीं है तो पास के अन्य स्कूल से फर्नीचर शिफ्ट किए जाएंगे। कुदुदंड, सकरी और एक अन्य स्कूल में फर्नीचर की कमी को देखते हुए यहां फर्नीचर शिफ्ट करने को कहा गया है।