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डाक विभाग ने खुद को अपडेट किया, पहचान बरकरार रखी
डाक विभाग ने बदलते दौर में अपने आपको अपडेट किया है। अब बात चिट्ठी-पत्री तक सीमित नहीं रही, बल्कि रेवेन्यू बढ़ाने के नए विकल्प खोज लिए गए हैं। आम लोगों को जोड़ने के लिए फोटो डाक टिकट योजना शुरू की गई है, जिससे विभाग अपनी पहचान बनाने में सफल रहा है। भविष्य में कोर बैंकिंग योजना शुरू करने के साथ ही हाईटेक होने की तैयारी में है। शनिवार से शुरू हुई डाक टिकटों की बिलासापेक्स प्रदर्शनी में विभाग ने इन्हीं बदलावों की तस्वीर पेश की।
डाक विभाग अब सिर्फ पोस्ट कार्ड और अंतरदेशीय कार्ड पर निर्भर नहीं है। यहां योजनाबद्ध तरीके से नित नए बदलाव किए जा रहे हैं। विभाग ने प्रतियोगी परीक्षाओं से इतना राजस्व कमाया कि आर्थिक ढांचा मजबूत हो गया। पीईटी, पीएमटी समेत व्यापमं की परीक्षाओं के फाॅर्म बेचे गए। वहीं अब तक सराफा बाजार और बैंकों में नजर आने वाले सोने के सिक्कों की बिक्री भी की। मैनुअल कामकाज के स्वरूप को भी बदला गया। विभाग का पूरा डेटा कम्प्यूटर में फीड किया जा चुका है।
एलआईसी, एनटीपीसी और रेलवे से किया टाईअप
डाकविभाग ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए एलआईसी, एनटीपीसी और रेलवे के साथ टाईअप किया है। यहां के बल्क मेल को बिजनेस पोस्ट के जरिए भेजा जाता है। इसका पता लिखने से लेकर गंतव्य तक पहुंचाने का पूरा काम विभाग करता है। इसी तरह डायरेक्ट पोस्ट योजना के तहत अगर आपके पास पता नहीं है तो भी विभाग लोकेशन के आधार पर उसे तय जगह पर भिजवा देगा।
राघवेंद्र भवन में स्कूली बच्चे एक साथ इतने सारे रंग-बिरंगे डाक टिकट देखकर अचंभित हो गए।
सब-कुछ है फोटो डाक-टिकट में
राघवेंद्रराव सभा भवन में डाक विभाग की फोटो डाक टिकट प्रदर्शनी शनिवार से शुरू हुई। इसमें करीब 18 देशों के फोटो डाक टिकट दिखाए जा रहे हैं। तीन दिनी जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी में विभाग की अन्य सेवाओं की भी जानकारी दी जा रही है। माय स्टांप के प्रति लोगों का आकर्षण ज्यादा दिखा। वन्य जीव बायसन और छाफरा पर बुकलेट जारी की गई है।
कोर बैकिंग लागू करने की भी है तैयारी
डाकविभाग अपने मूल काम को हाईटेक करने की तैयारी में है। कई सरकारी योजनाओं के तहत आम लोगों के खाते खोले जा रहे हैं। इन खातों से लेन-देन का काम अब तक मैनुअल ही होता आया है। अब यह कोर बैंकिंग की शक्ल में होगा, यानी खातेदार ऑनलाइन लेन-देन कर सकेंगे। जल्द ही मुख्य डाकघर में