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दुर्गोत्सव की अनुमति के लिए रेलवे की टेक
पिछलेसाल की तरह इस बार भी रेलवे क्षेत्र में दुर्गोत्सव, रामलीला और दशहरा उत्सव विवादों से घिरता नजर रहा है। रेलवे ने दशहरा महोत्सव, रामलीला उत्सव और दुर्गा पंडालों के लिए बिजली कनेक्शन और पटाखा दुकान लगाने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। इसका कारण पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होना बताया है। रेलवे प्रशासन के फैसले ने रेलवे क्षेत्र की जनता और व्यापारी परेशान हो रहे हैं। पहले भी इस बारे में रेलवे प्रशासन के अफसरों से चर्चा की जा चुकी है, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला है।
रेलवे परिक्षेत्र में हर साल दशहरा महोत्सव, रामलीला महोत्सव के साथ-साथ दुर्गा पंडाल सजते हैं। दीपावली से पहले क्षेत्र में अस्थाई पटाखा बाजार भी लगता है। वर्षों से चली रही इस परंपरा पर इस साल रेलवे प्रशासन ने सख्ती से रोक लगा दी है। अनुमति के लिए जब रेलवे प्रशासन के पास आवेदन दिया गया तो अफसरों ने स्थिति स्पष्ट की। कारोबारियों का कहना है कि इस तरह दशहरा और दुर्गा पूजा के साथ-साथ पटाखा बाजार नहीं लगाने देने का निर्णय गलत है। इस पर प्रशासन दोबारा विचार करे। उनका कहना है कि हर समस्या का उपाय है, लेकिन रेलवे के अफसर किसी से बातचीत ही नहीं करना चाहते हैं।
रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को पार्षद वी. रामाराव ने गलत बताते हुए कहा कि अगर रेलवे प्रशासन इन चीजों से स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो वे जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन का सहयोग लेकर सुरक्षा के उपाय करे। पिछले दिनों सांसद लखनलाल साहू ने जोन के महाप्रबंधक नवीन टंडन से मुलाकात कर चर्चा भी की थी, लेकिन इसे नजर अंदाज कर दिया गया है। अफसर इस बारे में फिर से विचार करें और बातचीत के जरिए इसका हल निकालें। इस तरह का निर्णय सही नहीं है। इस फैसले से रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार की भावनाएं भी आहत होंगी।