अगले साल से सीबीसीएस से होगी पढ़ाई
गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सीयू) में वर्ष 2015 में होने वाली प्रवेश परीक्षा च्वाॅइज बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) से करवाई जाएगी। परंपरागत विषय के अलावा स्टूडेंट्स अब अन्य विषयों को भी विकल्प के तौर पर ले सकेंगे। इस सिस्टम से अभी बिलासपुर यूनिवर्सिटी, पं. रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी और गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई हो रही है। यूजीसी ने हालिया देश की सभी यूनिवर्सिटीज शैक्षणिक संस्थानों में यह सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सीयू में प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किए जाने वाले ब्रोशर में तब्दीली की जाएगी। इसमें क्रेडिट और विषयों का उल्लेख भी होगा। अब तक सीयू में परंपरागत विषयों से ही सेमेस्टर पैटर्न पर पढ़ाई होती है। यूजीसी ने भी यूनिवर्सिटीज काॅलेजों को सीबीसीएस सिस्टम जल्द लागू करने को कहा है। इसमें स्टूडेंट को कॅरियर के लिए परिस्थितियों के अनुसार विषयों को पढ़ने की स्वतंत्रता होगी। वर्तमान में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के आईटी डिपार्टमेंट में इस सिस्टम से पढ़ाई हो रही है, लेकिन अब यहां सारे डिपार्टमेंट में इस सिस्टम को लागू करना होगा।
बदलाव से विषय चुनने में होगी आसानी
यूनिवर्सिटीजकाॅलेजों पढ़ाए जा रहे पारंपरिक विषय कॅरियर के हिसाब से अप्रासंगिक होते जा रहे हैं। स्टूडेंट के लिए विकल्पों को चुनने के सीमित मौके हैं। यही वजह है कि अब यूजीसी सीबीसीएस लागू करने पर जोर दे रहा है। यह सिस्टम बिलासपुर यूनिवर्सिटी में सबसे पहले लागू हुआ। इसके बाद पं. रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी रायपुर गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आया। कॉलेज स्टूडेंट्स अब तक इस सिस्टम से अनजान हैं।
पसंद के विषय लेने की आजादी
स्टूडेंट्स च्वाॅइस के सब्जेक्ट लेने की आजादी होगी। वह मैथ्स, फिजिक्स, कैमेस्ट्री के साथ ज्योग्राफी, हिस्ट्री या अन्य कोई विषय लेना चाहता है तो इसकी छूट मिलेगी। सीबीसीएस में किसी भी कोर्स में एक से अधिक विषयों के च्वाॅइस होते हैं। इसे स्टूडेंट फ्रेंडली माना जाता है। इसमें कई सारे विषय होते हैं और अलग-अलग क्रेडिट नंबर होते हैं।
एेसे तय किया जाएगा सीबीसीएस का रिजल्ट
इससिस्टम का फाॅर्मूला ग्रेडिंग प्वॉइंट पर टिका है। हर विषय का क्रेडिट, ग्रेड लेटर और ग्रेड प्वॉइंट होगा। इनके कैलकुलेशन से क्रेडिट प्वॉइंट निकाला जाएगा। इसके बाद सेमेस्टर ग्रेड प