थाने तक पहुंचा सीएमडी का \"कुर्सीवॉर\'
डीपी कॉलेज में अध्यक्ष के बयान से बढ़ा विवाद
संडेकी छुट्टी के बाद सोमवार को सीएमडी कॉलेज में सुबह की शुरुआत पिछले दिनों की तरह हंगामे से हुई। दो प्रभारी प्राचार्यों के बीच चल रहे कुर्सी विवाद का अगला एपिसोड अटेंडेंस रजिस्टर के नाम से शुरू हुआ। तीन-चार दिनों के बाद गायब क्लर्क वापस आया तो रजिस्टर को लेकर दोनों प्राचार्य के बीच द्वंद्व छिड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मीडिया के सामने ही हंगामा होने लगा। इस दौरान चेयरमैन की मौजूदगी में प्राचार्य एसएन अग्रवाल की गरमा-गरम बहस हुई। इस बीच अग्रवाल वहां से निकलकर सीधे तारबाहर थाने पहुंचे। वहां उन्होंने जान को खतरा बताते हुए लिखित शिकायत की। इधर, प्रबंधन की ओर से अलग शिकायत दर्ज करवाई गई है।
सीएमडी कॉलेज में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों ही पक्ष वर्चस्व को लेकर अपनी-अपनी बात कह रहे हैं। सोमवार को शासन की ओर से नियुक्त प्राचार्य डाॅ. एसएन अग्रवाल और प्रबंधन के प्राचार्य डॉ. डीके चक्रवर्ती के बीच जोरदार विवाद हुआ। सुबह कार्यालय पहुंचने पर डॉ. अग्रवाल ने देखा कि पिछले तीन-चार दिन से नदारद क्लर्क कॉलेज पहुंच चुके हैं। उन्होंने क्लर्क को बुलाकर डांटा और अटेंडेंस रजिस्टर मंगवाया। इधर, प्राचार्य डॉ. चक्रवर्ती ने रजिस्टर दिखाने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें रजिस्टर देखने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने सिर्फ सैलरी बिल पर दस्तखत करने का आदेश दिया है। अटेडेंस रजिस्टर को लेकर दोनों प्राचार्यों के बीच काफी समय तक बहस चलती रही। इस बीच डॉ. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्राचार्य चक्रवर्ती के नाम के आगे व्हाइटनर लगाकर सीएल लिखा गया है। दूसरी ओर डॉ. चक्रवर्ती ने कहा, सीएल पर अटेंडेंस लगाना गलत है, लेकिन अटेंडेंस पर सीएल लगाने में कोई गलत नहीं है। विवाद शांत नहीं होता देखकर प्राचार्य चक्रवर्ती ने कॉलेज के चेयरमैन संजय दुबे को बुला लिया। शेषपेज|15
चेयरमैनने भी आते ही प्राचार्य अग्रवाल से तल्खी से वही बात दोहराई कि आपको दूसरे दस्तावेज देखने या लिखने का अधिकार नहीं है। उनकी तेज आवाज को सुनकर डॉ. अग्रवाल ने भी जवाब देते हुए कहा, \\\"आप चिल्लाइए मत।\\\' इस दौरान उन्होंने कॉलेज से ही अपर कलेक्टर नीलकंठ टेकाम को फोन लगाया और जान की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि सितंबर से जो नया रजिस्टर बनाया गया है