नहीं बचाया जा सका हादसे में घायल छात्र
हादसे में घायल गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर के छात्र विनोद कुमार की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। चार दिनों से वह कोमा में था।
16 सितंबर को न्यू आईटी बिल्डिंग के पास बस में चढ़ते समय छात्र विनोद कुमार का पैर स्लिप हो गया था। उसका पैर बस के पहिए के नीचे गया और बुरी तरह कुचल गया। उसे अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल जाने के दौरान स्टूडेंट बात कर रहा था, बाद में कोमा में चला गया। हादसे की जानकारी उसके माता-पिता को दी गई थी। दूसरे दिन उसके माता-पिता भी गए थे। बचपन से ही उसके दिल में सुराख है। इस वजह से एक्सीडेंट का असर उसके ब्रेन पर हुअा है। विनोद के पिता टेलरिंग का काम करते हैं। वह इकलौता बेटा है। उसकी दो बहनें हैं। एक बहन बीटेक की छात्रा है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस मामले में दोषी बस ड्राइवर राकेश बहादुर और कंडक्टर शिव गढ़ेवाल को सस्पेंड कर दिया है। मामले की शिकायत कोनी थाने में भी की गई है। इलाज के दौरान शनिवार को छात्र की मौत हो गई। सीयू के अफसरों की मौजूदगी में छात्र का शव माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
हादसे के बाद से कोमा में था
बस के पहिए के नीचे आने के बाद छात्र को गंभीर हालत में अपोलो अस्पताल ले जाया गया। ले जाने के समय वह ठीक था, बात भी कर रहा था। बाद में वह कोमा में चला गया। इसी स्थिति में छात्र की शनिवार को मौत हो गई।