- Hindi News
- भीतर वोटिंग, बाहर जाम लगा दिनभर हलाकान हाेते रहे लोग
भीतर वोटिंग, बाहर जाम लगा दिनभर हलाकान हाेते रहे लोग
ऑटोसंघ का चुनाव रविवार को भारी गहमागहमी के बीच हुआ। हर तीन साल बाद होने वाले इस चुनाव को लेकर प्रशासन ने इंतजाम तो किए थे, लेकिन ये नाकाफी साबित हुए। वाहन ऑटो चालकों की वजह से रघुराज सिंह स्टेडियम के सामने की सड़क के दोनों ओर पूरे दिन जाम लगता रहा। सड़क के एक ओर ऑटो खड़े कर दिए गए थे।
रघुराज सिंह स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल के ऊपर के हिस्से में सुबह करीब 8.30 बजे वोटिंग शुरू हुई। एक घंटे पहले ही पुलिस के जवान वहां तैनात कर दिए गए थे। वोटरों के आने-जाने के लिए स्टेडियम के बायीं ओर गली में खुलने वाले दरवाजे का इस्तेमाल किया गया। यहां सुबह से ऑटो चालक बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। अपने-अपने कैंडिडेट के पक्ष में वहां प्रचार करने के लिए पहुंचे ऑटो चालकों ने खूब हंगामा मचाया, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुलिसकर्मी वहां बैठे रहे और उनकी मौजूदगी में चालक खुलकर अपने कैंडिडेट का प्रचार करने के साथ गरमागरम बहस करते नजर आए।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह-सचिव कोषाध्यक्ष के लिए वोट डालने वालों की लंबी कतार नजर आई। कई कतार के बीच में घुसते रहे तो कई बार कतार वालों से विवाद करते दिखाई दिए। इधर पूरे दिन यातायात व्यवस्था चरमराती रही जबकि बदइंतजामी हो इसके लिए पूर्व में सिटी सीएसपी और एडिशनल एसपी ने बैठक ली थी। रघुराज सिंह स्टेडियम के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक और आईडीबीआई बैंक के सामने तक बड़ी संख्या में ऑटो और बाइक खड़ी कर दी गई थी। इसके चलते वहां आने-जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रघुराज स्टेडियम के बाहर पुलिसकर्मियों का डेरा था। दरअसल, इस बात का अंदेशा था कि आॅटो वाले आपस में भिड़ सकते हैं।
अब आंख खुली, स्टेडियम में नहीं होगा चुनाव
प्रशासनने निर्णय लिया है कि अब ऑटो चालक संघ का चुनाव रघुराज सिंह स्टेडियम में करवाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन इस बार भी संघ को त्रिवेणी भवन में चुनाव करवाने के लिए कह रहा था, लेकिन पहले ही संघ ने स्टेडियम के लिए आवेदन कर पांच हजार रुपए जमा कर दिए थे। हर तीन साल में होने वाला चुनाव अब स्टेडियम में नहीं होगा। प्रशासन की आंख इस बार के जाम से खुली। उसका कहना है कि यहां यातायात बाधित होता है।
नशे में युवक ने खुद को जख्मी किया
नशेकी हालत में वहां पहुंचे एक युवक ने खुद को जख्मी कर लिया। वह अपात्र होने के बावजूद वोट डालने की जिद