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समाज से बहिष्कार, अब तक बेखबर है प्रशासन
गांवके तीन परिवारों का समाज से बहिष्कार केवल इसलिए बंद कर दिया गया, क्योंकि उन्हें गांव के विकास के संबंध में ग्राम विकास नामक समिति के पदाधिकारियों से पूछताछ कर दी थी। मामला मुंगेली के अमलीकापा का है। इसकी शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की गई है। अब तक इसकी जांच शुरू नहीं की गई है। इधर, ग्राम पंचायत शिकायतकर्ताओं को शराबी बताते हुए इसे पटेल समाज का निर्णय बता रही है।
अमलीकापा के दशरथ पटेल, रामलोचन पटेल और फलित राम पटेल ने मुंगेली कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में लिखित शिकायत कर गांव के ही तीन लोगों पर हुक्का-पानी बंद करवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष सुखसागर पटेल, सचिव भुनेश्वर पटेल और सदस्य मदन पटेल से जब उन्होंने गांव के विकास कार्यों के बारे में पूछताछ की तो उनका सामाजिक रूप से बहिष्कार कर दिया गया। उन्होंने गांव में आदेश जारी किया है कि अगर उनके परिवारों से कोई सरोकार रखता है तो संबंधित पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीण परेशान हैं और गांव में शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा बना हुआ है। दशरथ, रामलोचन और फलित राम ने कहा है कि उनके परिवार के सदस्य मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन डाॅक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया है। उन्होंने जान पर खतरा बताते हुए जल्द जांच कर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की ओर से पथरिया तहसीलदार को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। इधर, इस मामले को ग्रामीण इलाकों में तेजी से उभर रही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दोनों पक्षों के लोग एक ही जाति के हैं, इसलिए अंदेशा है कि मामला दो पक्षों का निजी विवाद भी हो सकता है।
समाज का निर्णय, पंचायत का लेना-देना नहीं
शिकायतकर्ताओंके खिलाफ हुक्का-पानी बंद करने का निर्णय पटेल समाज का है। इससे पंचायत का कोई लेना-देना नहीं है। उनके खिलाफ शराब पीने की शिकायत मिलती है, ऐसे में समाज के लोग परेशान हैं। इससे अधिक मुझे नहीं पता। -महेश साहू, सचिव,ग्राम पंचायत अमलीकापा
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे
मैंजनदर्शन में मौजूद नहीं था, इसलिए इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर किसी का बहिष्कार हुआ है तो इस मामले का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. संजय अलंग, कलेक्टर,मुंगेली