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ज्यादा राॅयल्टी वसूली, बंद रहा कोनी रेत घाट
ज्यादा राॅयल्टी वसूली के विरोध में कोनी रेत घाट शनिवार को बंद रहा। तो मशीनों को चलने दिया गया और ही वाहनों को रेत ढुलाई करने दी गई। रेत कारोबार में नए छोटे ट्रांसपोर्टरों की एंट्री के बाद पहली बार घाट बंद हुआ है। इससे रसूखदारों को तगड़ा झटका लगा। कोनी रेत घाट को लेकर हाल ही में बना अरपा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और ग्राम पंचायत आमने-सामने हो गए हैं।
कोनी रेत घाट को लेकर शिकायत प्रशासन से पहले भी हुई है, लेकिन अधिकारियों ने जब मौके पर जाकर जांच की तो इस दौरान कोई भी बोलने तैयार नहीं हुआ। हालांकि बिलासपुर खनिज परिवहन संघ लिखित में प्रशासन से शिकायत कर चुका है कि वहां एक हाईवा रेत के लिए 1500 रुपए तक राॅयल्टी ली जा रही है, वह भी पर्ची दिए बिना। इसके बाद भी प्रशासन ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। इधर, व्यवसाय पर असर पड़े, इसलिए ट्रांसपोर्टर्स ने पंचायत का खुलकर विरोध नहीं किया। नतीजा यह रहा कि अब तक अरपा में मनमानी अवैध खुदाई होती रही। अवैध भंडारण भी हुआ। पूरे मामले में खनिज विभाग ने ढुलमुल रवैया अपनाया। पर्यावरण विभाग के स्पष्ट निर्देश के बावजूद रेत की खुदाई के लिए मशीनों के उपयोग पर रोक नहीं लगा सके। अब जब विवाद बढ़ने लगा है, विभाग को दखल देना पड़ेगा। दरअसल, रेत के कारोबार में नए छोटे ट्रांसपोर्टरों की एंट्री हो गई है। इन्होंनेे हाल ही में अरपा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन बना लिया है। ये ट्रैक्टर मालिकों का संगठन है, जिन्हें तो घाट पर लगने वाली मशीनों से मतलब है और ही वे ज्यादा राॅयल्टी देना चाहते हैं। वे मजदूर लेकर जाते हैं और रेत लेकर जाते हैं। वे एक ट्रैक्टर या तीन घनमीटर रेत के बदले केवल 60 रुपए देना चाहते हैं, वह भी पक्की रसीद के साथ ताकि खनिज विभाग उनके वाहनों को पकड़े। यानी नियमानुसार प्रति घनमीटर 20 रुपए। पंचायत को यह बात हजम नहीं हो रही है, इसलिए विवाद शुरू हो गया है। विवाद इतना बढ़ा कि अरपा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इसकी शिकायत प्रशासन से कर दी। एसोसिएशन ने कोनी ग्राम पंचायत द्वारा रेत के बदले तय राॅयल्टी से तीन गुना अधिक रकम वसूलने और राॅयल्टी पर्ची नहीं देने की शिकायत कलेक्टर से की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पंचायत पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। ज्यादा राॅयल्टी के विरोध में शनिवार को कोनी रेत घाट बंद रखा गया। बिलासपुर खनिज परिवहन संघ ने भी इसका समर्थन किया।
कोनी रेत घाट