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दोस्तों के साथ घूमने गया किशोर नदी में बहा, एक साथी बचाया गया

7 वर्ष पहले
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दोस्तों के साथ घूमने निकला छठीं कक्षा का छात्र जूना बिलासपुर के पचरी घाट से अरपा की धार में बह गया। उसके साथी को एक बैलगाड़ी वाले ने किसी तरह डूबने से बचा लिया। पुलिस और गोताखोरों की टीम रात तक छात्र की तलाश करती रही, लेकिन कहीं पता नहीं चला। पखवाड़ेभर में यह दूसरी घटना है। इससे पहले छठघाट से एक मासूम नदी में डूब गया था।

कतियापारा में रहने वाले वीरेंद्र भाेई का 12 वर्षीय बेटा अंकुश भाेई शनिवार की दोपहर अपने पांच दोस्तों के साथ घूमने के लिए निकला था। इनमें दीपक देवांगन, छाेटू, पुष्कर शिव दो अन्य शामिल थे। इसी दौरान सभी दोस्त जूना बिलासपुर के पचरीघाट में पहुंचे। इनमें से अंकुश और दीपक ने नदी में छलांग लगा दी। बाकी चार बाहर खड़े थे। हाल ही में हुई बारिश के चलते नदी में पानी का बहाव तेज था। दोनों खुद को संभाल नहीं पाए और बहने लगे। बाहर खड़े दोस्तों ने उन्हें बचाने के लिए आवाज लगाई। पास से बैलगाड़ी लेकर गुजर रहे युवक ने फौरन पानी में छलांग लगा दी। उसने दीपक को तो किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन अंकुश काे बचाने में नाकाम रहा। अंकुश के घरवालों को उसके नदी में बहने की सूचना दी गई। खबर मिलने पर कोतवाली टीआई और पुलिसवाले भी मौके पर पहुंचे। नगरसेना के गोताखोरों को बुलवाकर नदी में उसकी तलाश की जाती रही, लेकिन कहीं, कुछ पता नहीं चल सका। गौरतलब है कि 9 सितंबर को छठघाट के किनारे मां के साथ बैठा एक बालक में नदी में डूब गया था। तीसरे दिन उसकी लाश झाड़ी में फंसी पाई गई थी।

अरपा में गोताखोरों ने किशोर की खोजबीन शुरू की, क्षेत्र में जिसे भी घटना की जानकारी मिली वह मौके पर जा पहुंचा।

स्कूल से आते ही मां से कहा, घूमकर आता हूं

अंकुशभाेई जूना बिलासपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में छठीं का छात्र था। पढ़ाई-लिखाई के साथ खेल-कूद में भी वह होनहार था। शनिवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद वह घर पहुंचा। स्कूल बैग रखने और यूनिफॉर्म उतारने के बाद कुछ देर तक तो घर पर ही रहा। दोस्ताें की आवाज आई तो मां से कहकर निकला कि कुछ देर में घूमकर जाएगा। इधर, उसके माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गोताखोर जब अंकुश की तलाश में जुटे थे, तब सभी नदी किनारे उम्मीद भरी नजरें लगाए बैठे थे। शाम ढलने और अंधेरा घिरने के बाद तलाश बंद कर दी गई। रविवार को सुबह बोट मंगवाकर दोबारा तलाश शुरू की जाएगी।

शाम