मोहतराई में डायरिया फैला, किशोर की मौत
जबरिया 108 वाले रतनपुर ले गए
रात को शुभम् के घरवालों ने 108 नंबर पर कॉल कर फोन से संजीवनी एंबुलेंस बुलाई। रात करीब 3 बजे घरवाले उसे लेकर अस्पताल जाने के लिए निकले। वे शुभम् को सिम्स लाना चाहते थे, लेकिन एंबुलेंस वाले नहीं माने। लगातार मना करने के बाद भी वे उसे लेकर रतनपुर चले गए। यहां इलाज में देरी हुई। पांच घंटे तक उसका इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। गंभीर होने पर डाॅक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और उसे सिम्स रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर शुभम् को सीधे सिम्स लाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
भास्कर न्यूज | बिलासपुर
रतनपुरथाना क्षेत्र के ग्राम मोहतराई में डायरिया से एक किशोर की मौत हो गई। गांव के पूर्व सरपंच के परिवार के सात लोगों को भी दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इनमें से एक का इलाज अभी भी अपोलो हॉस्पिटल में चल रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर रतनपुर रोड स्थित ग्राम मोहतराई में डायरिया फैला है। रविवार की देर रात शुभम् सिंह पिता राम आश्रय क्षत्रिय (17 वर्ष) को रतनपुर के सीएससी में भर्ती करवाया गया था। बाद में उसे डाॅक्टरों ने उसे सिम्स रेफर कर दिया। सिम्स लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। शुभम् 11वीं का छात्र था। इधर, गुरुवार को इसी गांव के पूर्व सरपंच पवन सिंह पिता अमर सिंह (42 वर्ष) का पूरा परिवार डायरिया से पीड़ित हो गया था। सभी सरकंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। पीड़ितों में पवन सिंह के अलावा उनके पिता अमरसिंह, प|ी सुखदा (36 वर्ष), भाई जोगेंदर सिंह, बहू प्रीति सिंह (32 वर्ष) सहित जोगेंद्र सिंह का बेटा अंशुल (15 वर्ष) आदर्श सिंह (13 वर्ष) शामिल थे। अमर सिंह को अपोलो हाॅस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। बाकी को छुट्टी दे दी गई। मोहतराई में ही डायरिया से कस्तूरी बाई पति शंकर सिंह (60 वर्ष) भी पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग लखराम की टीम ने गांव में कैंप किया है।