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रेंज को बांटने का प्रस्ताव वापस लिया

7 वर्ष पहले
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बिलासपुरवन मंडल के अंतर्गत बिलासपुर फाॅरेस्ट रेंज को दो भागों में बांटने का प्रस्ताव मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर वन वृत्त को भेजने के चार दिन बाद वापस ले लिया गया है। बिलासपुर फाॅरेस्ट रेंज को दो भागों में बांटकर सीपत को नया रेंज बनाने के लिए प्रस्ताव उप वनमंडलाधिकारी के कार्यालय से डीएफओ एसपी मसीह की टेबल तक पहुंचा और बाले-बाले उसमें हस्ताक्षर करवा कर उसे मुख्य वन संरक्षक अनूप श्रीवास्तव के कार्यालय को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया था।

बताया जाता है कि बिलासपुर वन मंडल को बांटने का प्रस्ताव पूर्व डीएफओ की पदस्थापना के दौरान तैयार किया गया था, जिसे मौजूदा डीएफओ से फारवर्ड करवा लिया गया। खबर है कि डीएफओ एसपी मसीह को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने सीसीएफ कार्यालय से उसे वापस बुलवा लिया।

172 किमी से अधिक है क्षेत्र

बिलासपुर फाॅरेस्ट रेंज का एरिया 172.800 वर्ग किमी है। इसमें से 126.948 वर्ग किमी का क्षेत्र, जो सीपत विकासखंड के अंतर्गत आता है, उसे नए रेंज के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं शेष 45.852 वर्ग किमी का क्षेत्र बिलासपुर फाॅरेस्ट रेंज के लिए निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया। गौरतलब है कि नवगठित मुंगेली जिले के लिए नया वन मंडल बनाने की गरज से विगत वर्ष बिलासपुर वन मंडल को विभक्त किया जा चुका है। वन मंडलों के पुनर्गठन के दौरान बिलासपुर वन मंडल के घटते वन क्षेत्र को ध्यान में रख कर मरवाही वन मंडल के अंतर्गत आने वाले बेलगहना वन परिक्षेत्र को बिलासपुर वन मंडल में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है।

बांटने की जरूरत नहीं

^बिलासपुरवन को दो भागों में बांटने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। बिलासपुर वन परिक्षेत्र का एरिया पहले ही छोटा हो चुका है, इसलिए इसे सीमित करने के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा सकता।\\\'\\\' एसपीमसीह, डीएफओबिलासपुर