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बाइक से गिरने की डाॅक्टरी रपट, अब बोलेरो से टक्कर का केस

6 वर्ष पहले
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मस्तूरी पुलिस ने बाइक से गिरने के मामले को आठ माह बाद अचानक दो वाहनों की भिड़ंत बता दी। उसने बोलेरो का फर्जी नंबर डालकर एफआईआर भी दर्ज कर ली। गाड़ी मालिक को पता चला तो वह हैरान रह गया। उसने इसकी शिकायत एसपी से की है। पुलिस पर मिलीभगत का संदेह जताते हुए आरोप लगाया है कि बीमा क्लेम के लिए ऐसा किया गया है।

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा कल्याणपुर निवासी सम्मत लाल केंवट पिता लतेलराम केंवट 29 वर्ष उसका साथी झुमुकलाल 10 अगस्त 2013 को मस्तूरी थाना क्षेत्र में किरारी के पास सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें सिम्स में भर्ती करवाया गया था। यहां झुमुकलाल की मौत हो गई। सम्मत लाल ने डॉक्टरों को दिए बयान में हादसे की वजह बाइक से गिरना बताया था। डॉक्टर ने इसकी पुष्टि रिपोर्ट में की। डॉक्टरों ने जांच में दोनों को शराब के नशे में पाया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी झुमुकलाल की मौत की वजह बाइक से गिरना बताया गया था। अचानक आठ माह बाद पुलिस ने इस मामले में सम्म्तलाल को प्रार्थी बनाकर केस रजिस्टर्ड कर लिया। केस में हादसे की वजह बोलेरो क्रमांक सीजी 12 बी 9665 के साथ टक्कर होना बताया गया है। ये गाड़ी कोरबा जिले के पाली करतला निवासी गंगाराम निषाद पिता तीजराम 45 वर्ष की है। पुलिस ने इसके चालक के खिलाफ धारा 279, 337, 304 के तहत केस रजिस्टर्ड कर लिया। जांच के दौरान मस्तूरी पुलिस गाड़ी जब्त करने बोलेरो वाहन मालिक के पास गई तो इसका खुलासा हुआ। गंगाराम निषाद ने सिम्स जाकर पीड़ितों का रिकॉर्ड निकलवाया। इसमें घायल होने की वजह बाइक से गिरना ही दर्ज है। उसने मस्तूरी थाने के हेड कॉन्स्टेबल तोप सिंह पीड़ित सम्मत लाल के खिलाफ मिली-भगत कर झूठा मामला दर्ज करने की शिकायत की है।

इसलिए गड़बड़ है

{हादसेमें तीसरे दिन ही झुमुक लाल की मौत हो गई थी। बोलेरो से टक्कर होती तब मृतक के परिजन एफआईआर दर्ज करवाने थाने क्यों नहीं गए।

{डॉक्टर को दिए बयान में घायल संपत लाल ने दोनों का बाइक से गिरना क्यों बताया था।

{बोलेरो मालिक के अनुसार घटना के दिन उसकी गाड़ी घर पर ही खड़ी थी। इसका उसने सबूत भी दिया है।

क्लेम केस बनाने फर्जीवाड़ा

बाइकसे गिरकर घायल होने से बाइक चलाने वाला ही आरोपी बनता है। इस मामले में उसकी मौत हो चुकी है। इससे घायल मृतक के परिजनों को बीमा क्लेम नहीं मिलता। संभव है सम्मत लाल पुलिस ने मिलकर फर्जीवाड़ा किया हो और किसी गाड़ी का नंबर डाल दिया।