प्लानिंग, इच्छाशक्ति और जागरूकता जरूरी
शहरके बीचों-बीच बसे पांच वार्डों के नागरिकों ने नगर निगम चुनाव के लिए साझा घोषणा-पत्र तैयार किया। 55 से बढ़कर अब 66 वार्डों को समेटी न्यायधानी की तस्वीर बदलने के लिए लोगों ने प्रशासन की बेहतर प्लानिंग, जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति और पब्लिक की जागरूकता काे जरूरी बताया। कहा कि स्मार्ट वार्ड के लिए यही तीन जरूरी टूल्स हैं। चौड़ी सड़कें बनें, पैदल वाले फुटपाथ पर चलें, बड़े चौक-चौराहों पर जेब्रा क्रॉसिंग हो और नागरिक हर नियम का पालन करें। सिविक सेंस के बिना स्मार्ट सिटी बनना मुश्किल है।
{स्थानीय और विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था को जोड़ें।
रूबरू में शामिल जनप्रतिनिधि।
{शहरी क्षेत्रों को हरा-भरा बनाना। हरित ऊर्जा, हरित भवन
{डिमांड और सप्लाई में सामंजस्य बनाया जाए।
{सुरक्षा और
स्वास्थ्य पर खास ध्यान दिया जाए।
{उद्यमिता और नए
परिवर्तन।
{उत्पादन क्षमता।
{प्रशासन सभी वर्ग के लोगों तक पहुंचे, जरिया तय हो।
{21वीं सदी के हिसाब से शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधार।
निर्दिष्ट समाज।
{लाेगों को एक जीवंत संस्कृति से जोड़ने की पहल हो।
स्मार्ट सिटी
अंबेडकर नगर, क्रांतिकुमार भारतीय नगर, रानी लक्ष्मीबाई नगर, निराला नगर आजाद नगर के नागरिक जुटे
पांच वार्डों के नागरिकों जनप्रतिनिधियों ने अंबेडकर सामुदायिक भवन में आयोजित रूबरू में विकास के मुद्दे पर खुलकर विचार रखे। बिलासपुर को स्मार्ट वार्ड-स्मार्ट सिटी बनाने के लिए के लिए जरूरी प्लानिंग के साथ ही इस पर अमल के लिए रणनीति की जरूरत बताई गई। नागरिकों ने कहा, शासन नगर निगम को भरपूर फंड देता है। इसके बाद भी क्या वजह है कि शहर की तस्वीर उस तेजी से नहीं बदल पा रही है, जैसी बदलनी चाहिए।
फंड भरपूर, फिर विकास क्यों है दूर